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हॉस्टल वॉशआउट न होने से भी बढ़ा बवाल
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हॉस्टल वॉश आउट न होने से भी बढ़ा बवाल
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017 में तो हॉस्टल वॉश आउट करा दिया था लेकिन वर्ष 2018 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल वॉश आउट की कार्रवाई नहीं की। नतीजा कि हॉस्टलों पर फिर तेजी से दंबगों का कब्जा होता चला गया और लगातार घटनाएं होती रहीं। अगर हॉस्टल वॉश आउट की कार्रवाई होती तो हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराकर नए सिरे से आवंटन होता और तमाम अराजकतत्व हॉस्टल से बाहर होते। वॉश आउट न होने के कारण ही हॉस्टल आवंटन के बावजूद आधे से अधिक छात्रों को हॉस्टलों के कमरों पर कब्जा नहीं मिल सका और फीस जमा करने के बावजूद ऐसे छात्र अब भी हॉस्टल के लिए भटक रहे हैं।