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मानव संसाधन विकास मंत्री के चलते पिछड़ा इविवि
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मानव संसाधन विकास मंत्री के चलते पिछड़ा इविवि
0 ऑटा-ऑक्टा की संयुक्त पत्रकार वार्ता में कुलपति के खिलाफ शिकायत को इविवि की प्रगति रोकने वाला बताया गया
0 अध्यापक संघ राष्ट्रपति से मिलकर इविवि की सही जानकारी देगा, करेंगे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल राष्ट्रपति की ओर से लौटा दिए जाने के बाद इविवि एवं महाविद्यालय अध्यापक संघ ने खुशी जाहिर की है। शनिवार को इविवि अध्यापक संघ (ऑटा) एवं कॉलेज अध्यापक संघ (ऑक्टा) की ओर से आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्री की गलत नीतियों के चलते इविवि पिछड़ रहा है। शिक्षक संघ ने कहा कि गलत तत्वों के आरोपों की बिना सच्चाई जाने मानव संसाधन विकास मंत्री ने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल राष्ट्रपति के पास भेज कर विवि को अस्थिर करने का काम किया है।
ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने इविवि को पीछे करने का काम किया है। उनकी ओर से बार-बार कार्रवाई की फाइल मंत्रालय से राष्ट्रपति के पास भेजने और कुलपति को जांच के भंवर जाल में उलझाए रहने से विवि के जरूरी काम ठप पड़ गए। उन्होंने कहा कि ऑटा एवं ऑक्टा का एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल जल्द ही राष्ट्रपति से मिलकर इस प्रकरण की जानकारी देगा और फाइल लौटने के लिए धन्यवाद देंगे। ऑटा उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी ने कहा कि यदि एक बार फिर से एनआईआरएफ की रैंकिंग में इविवि पिछड़ता है तो इसके लिए मानव संसाधन मंत्रालय ही जिम्मेदार होगा। इसकी ओर से लगातार परेशान किए जाने से कुलपति काम नहीं कर पा रहे हैं। ऑटा महासचिव प्रो. शिव मोहन प्रसाद ने कहा कि कुलपति पूरे इविवि को आगे बढ़ाने का काम किया, उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले स्वयं भी आरोपों के घेरे में हैं।
ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि आरोप लगाने वालों ने कॉलेजों का विकास लंबे समय से रोके रखा, अब कॉलेज प्रगति के पथ पर चल पड़े हैं। ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने विवि लंबे समय से कायम शिक्षकों केकाकस को तोड़ने का काम किया, उनके आने के बाद से ही कॉलेजों के शिक्षकों को न्याय मिला। कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल लौटाए जाने पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रो. हर्ष कुमार, प्रो. पंकज कुमार भी मौजूद रहे।
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0 ऑटा-ऑक्टा की संयुक्त पत्रकार वार्ता में कुलपति के खिलाफ शिकायत को इविवि की प्रगति रोकने वाला बताया गया
0 अध्यापक संघ राष्ट्रपति से मिलकर इविवि की सही जानकारी देगा, करेंगे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल राष्ट्रपति की ओर से लौटा दिए जाने के बाद इविवि एवं महाविद्यालय अध्यापक संघ ने खुशी जाहिर की है। शनिवार को इविवि अध्यापक संघ (ऑटा) एवं कॉलेज अध्यापक संघ (ऑक्टा) की ओर से आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्री की गलत नीतियों के चलते इविवि पिछड़ रहा है। शिक्षक संघ ने कहा कि गलत तत्वों के आरोपों की बिना सच्चाई जाने मानव संसाधन विकास मंत्री ने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल राष्ट्रपति के पास भेज कर विवि को अस्थिर करने का काम किया है।
ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने इविवि को पीछे करने का काम किया है। उनकी ओर से बार-बार कार्रवाई की फाइल मंत्रालय से राष्ट्रपति के पास भेजने और कुलपति को जांच के भंवर जाल में उलझाए रहने से विवि के जरूरी काम ठप पड़ गए। उन्होंने कहा कि ऑटा एवं ऑक्टा का एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल जल्द ही राष्ट्रपति से मिलकर इस प्रकरण की जानकारी देगा और फाइल लौटने के लिए धन्यवाद देंगे। ऑटा उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी ने कहा कि यदि एक बार फिर से एनआईआरएफ की रैंकिंग में इविवि पिछड़ता है तो इसके लिए मानव संसाधन मंत्रालय ही जिम्मेदार होगा। इसकी ओर से लगातार परेशान किए जाने से कुलपति काम नहीं कर पा रहे हैं। ऑटा महासचिव प्रो. शिव मोहन प्रसाद ने कहा कि कुलपति पूरे इविवि को आगे बढ़ाने का काम किया, उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले स्वयं भी आरोपों के घेरे में हैं।
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ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि आरोप लगाने वालों ने कॉलेजों का विकास लंबे समय से रोके रखा, अब कॉलेज प्रगति के पथ पर चल पड़े हैं। ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने विवि लंबे समय से कायम शिक्षकों केकाकस को तोड़ने का काम किया, उनके आने के बाद से ही कॉलेजों के शिक्षकों को न्याय मिला। कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की फाइल लौटाए जाने पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रो. हर्ष कुमार, प्रो. पंकज कुमार भी मौजूद रहे।
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