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महिला ग्राम विकास अधिकारियों का चयन बहाल
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:13 AM IST
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महिला ग्राम विकास अधिकारियों का चयन बहाल
0 अनियमितता की शिकायत पर निरस्त किया गया था चयन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मिर्जापुर में ग्राम विकास अधिकारी महिला के पद पर हुए चयन को निरस्त करने का आदेश रद्द कर दिया है तथा चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेजने का आदेश दिया है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है। प्रिया पांडेय और अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने दिया।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक मिर्जापुर में ग्राम विकास अधिकारी महिला के पद का विज्ञापन 15 जून 2013 को जारी हुआ था। चयन परिणाम जारी होने के बाद चयन में अनियमितता की शिकायत हुई। कहा गया कि चयन समिति का गठन 1978 की नियमावली के तहत नहीं किया तथा ट्रिपल सी सर्टिफिकेट से अधिक योग्यता रखने वालों का चयन कर लिया गया। शिकायत पर डीएम ने जांच कर पांच फरवरी 2016 और दो अप्रैल 2016 को रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त ग्रामीण विकास ने चयन निरस्त करने की संस्तुति कर दी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि ट्रिपल सी सर्टिफिकेट से उच्च योग्यता को अयोग्यता नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने चयन समिति के गठन को भी 1978 की नियमावली के अनुरूप पाया। इन आधारों पर चयन निरस्त करने का आदेश रद्द करते हुए चयनित याचीगण को प्रशिक्षण पर भेजने का निर्देश दिया है।
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महिला ग्राम विकास अधिकारियों का चयन बहाल
0 अनियमितता की शिकायत पर निरस्त किया गया था चयन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मिर्जापुर में ग्राम विकास अधिकारी महिला के पद पर हुए चयन को निरस्त करने का आदेश रद्द कर दिया है तथा चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेजने का आदेश दिया है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है। प्रिया पांडेय और अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने दिया।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक मिर्जापुर में ग्राम विकास अधिकारी महिला के पद का विज्ञापन 15 जून 2013 को जारी हुआ था। चयन परिणाम जारी होने के बाद चयन में अनियमितता की शिकायत हुई। कहा गया कि चयन समिति का गठन 1978 की नियमावली के तहत नहीं किया तथा ट्रिपल सी सर्टिफिकेट से अधिक योग्यता रखने वालों का चयन कर लिया गया। शिकायत पर डीएम ने जांच कर पांच फरवरी 2016 और दो अप्रैल 2016 को रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त ग्रामीण विकास ने चयन निरस्त करने की संस्तुति कर दी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि ट्रिपल सी सर्टिफिकेट से उच्च योग्यता को अयोग्यता नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने चयन समिति के गठन को भी 1978 की नियमावली के अनुरूप पाया। इन आधारों पर चयन निरस्त करने का आदेश रद्द करते हुए चयनित याचीगण को प्रशिक्षण पर भेजने का निर्देश दिया है।
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