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80 हजार बीटीसी प्रशिक्षु नहीं दे सके टीईटी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 16 Oct 2017 01:49 AM IST
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टेट अभ्यर्थी आंसर की के संबंध में आपत्तियां दस अप्रैल तक बोर्ड कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा में रिकार्ड संख्या में किए गए आवेदनों की स्थिति रविवार को परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने के बाद स्पष्ट हुई। पता चला कि तकरीबन 80 हजार ऐसे लोगों ने आवेदन किया जिन्होंने अभी बीटीसी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी है, जबकि दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद ही इसके लिए पात्र हो सकते हैं। इन अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्रों में गलत जानकारी दर्ज की। इसके आधार पर उन्होंने परीक्षा में शामिल होने का प्रयास किया लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को केंद्र से वापस लौटा दिया गया।
इस बार टीईटी के लिए 15 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किए। हालांकि अंतिम रूप से नौ लाख 97 हजार 760 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पात्र पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से परीक्षा नियामक अधिकारी कार्यालय के अफसर भी हैरान थे। इसमें प्राथमिक स्तर के लिए तीन लाख 49 हजार 192 तथा उच्च प्राथमिक के लिए छह लाख 27 हजार 568 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र तथा प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाण पत्र/अंतिम निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति लेकर आना अनिवार्य था। रविवार परीक्षा के दौरान दोनों पालियों में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंचे, जिनके पास प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाण पत्र नहीं था।
इनमें से करीब 80 हजार ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे जो बीटीसी 2015 के बैच के हैं। इन अभ्यर्थियों की हाल ही में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा हुई है। गलत सूचना के आधार पर इन अभ्यर्थियों ने टीईटी के लिए आवेदन कर दिया। परीक्षा केंद्रों पर इन अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र मांगा गया तो सच्चाई सामने आई। इस तरह के काफी अधिक मामले सामने आने पर केंद्र प्रभारियों ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सूचना दी। सचिव डॉ.सुत्ता सिंह के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन में गलत सूचना के आधार पर ऐसे लोगों ने परीक्षा में शामिल होने का प्रयास किया लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
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इस बार टीईटी के लिए 15 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किए। हालांकि अंतिम रूप से नौ लाख 97 हजार 760 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पात्र पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से परीक्षा नियामक अधिकारी कार्यालय के अफसर भी हैरान थे। इसमें प्राथमिक स्तर के लिए तीन लाख 49 हजार 192 तथा उच्च प्राथमिक के लिए छह लाख 27 हजार 568 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र तथा प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाण पत्र/अंतिम निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति लेकर आना अनिवार्य था। रविवार परीक्षा के दौरान दोनों पालियों में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंचे, जिनके पास प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाण पत्र नहीं था।
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इनमें से करीब 80 हजार ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे जो बीटीसी 2015 के बैच के हैं। इन अभ्यर्थियों की हाल ही में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा हुई है। गलत सूचना के आधार पर इन अभ्यर्थियों ने टीईटी के लिए आवेदन कर दिया। परीक्षा केंद्रों पर इन अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र मांगा गया तो सच्चाई सामने आई। इस तरह के काफी अधिक मामले सामने आने पर केंद्र प्रभारियों ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सूचना दी। सचिव डॉ.सुत्ता सिंह के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन में गलत सूचना के आधार पर ऐसे लोगों ने परीक्षा में शामिल होने का प्रयास किया लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
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