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मतक आश्रितों को एक माह में नियुक्त दे सरकार
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मृतक आश्रितों को एक माह में नौकरी दे सरकार
0 हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए एक और मोहलत
0 पुलिस विभाग ने विलंब से आवेदन के आधार पर खारिज कर दिए हैं सैकड़ों आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने पुलिस स्थापना बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह मृतक आश्रित कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को एक माह में नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी करे। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब भी मांगा है। सुमित शर्मा और दर्जनों अन्य की अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यह आदेश दिया।
याचीगण के अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि पुलिस विभाग में विलंब के आधार पर सैकड़ों आवेदन खारिज कर दिए गए थे। इसके खिलाफ अंतरिक्ष सिंह सहित अन्य तमाम अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी थी। याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने 19 जुलाई 2018 को आदेश दिया था कि मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थियों के आवेदन दो माह में निर्णीत किया जाए और आवेदन करने की समय सीमा में छूट दी जाए। इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी।
मामले के अनुसार याची के पिता पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे। उनकी असमायिक मृत्यु हो गई। उस समय याची नाबालिग था। उसकी मां ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि याची जैसे ही बालिग होगा, अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा। याची ने बालिग होने के बाद आवेदन किया, मगर पुलिस विभाग ने उसका आवेदन यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि उसने काफी विलंब से आवेदन किया है।
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मृतक आश्रितों को एक माह में नौकरी दे सरकार
0 हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए एक और मोहलत
0 पुलिस विभाग ने विलंब से आवेदन के आधार पर खारिज कर दिए हैं सैकड़ों आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने पुलिस स्थापना बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह मृतक आश्रित कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को एक माह में नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी करे। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब भी मांगा है। सुमित शर्मा और दर्जनों अन्य की अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यह आदेश दिया।
याचीगण के अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि पुलिस विभाग में विलंब के आधार पर सैकड़ों आवेदन खारिज कर दिए गए थे। इसके खिलाफ अंतरिक्ष सिंह सहित अन्य तमाम अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी थी। याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने 19 जुलाई 2018 को आदेश दिया था कि मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थियों के आवेदन दो माह में निर्णीत किया जाए और आवेदन करने की समय सीमा में छूट दी जाए। इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी।
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मामले के अनुसार याची के पिता पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे। उनकी असमायिक मृत्यु हो गई। उस समय याची नाबालिग था। उसकी मां ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि याची जैसे ही बालिग होगा, अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा। याची ने बालिग होने के बाद आवेदन किया, मगर पुलिस विभाग ने उसका आवेदन यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि उसने काफी विलंब से आवेदन किया है।
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