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यादव सिंह के बेटे बेटियों की अंतरिम जमानत मंजूर
Updated Tue, 08 May 2018 01:08 AM IST
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यादव सिंह के बेटे, बेटियों की अंतरिम जमानत मंजूर
इलाहाबाद।
करोड़ों रुपये भूमि आवंटन घोटाले में आरोपी नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के पुत्र सनी यादव, बेटियों गरिमा भूषण और करुणा सिंह की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सभी को 11 मई तक विशेष न्यायालय सीबीआई गाजियाबाद में बांड भरने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सीबीआई से जवाब भी मांगा है।
जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीके सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याचीगण की ओर से अधिवक्ता आईके चतुर्वेदी और दिनेश कक्कड़ ने पक्ष रखा। यादव सिंह के परिवार पर आरोप है कि उन्होंने मात्र 17 महीनों में 23 करोड़ रुपये की आमदनी की जबकि इससे पहले उनकी कुल संपत्ति चार करोड़ रुपये थी। इससे पहले इन लोगों ने सीबीआई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी मगर सुनवाई के समय कोई हाजिर नहीं हुआ तो अर्जी खारिज कर दी गई। राहत के लिए सुप्रीमकोर्ट की शरण ली गई। सुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जमानत हेतु आवेदन करने का निर्देश दिया। सीबीआई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो गई तो तीनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी जिसे सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीमकोर्ट ने याचीगण को सात मई को हाजिर होने और जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।
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यादव सिंह के बेटे, बेटियों की अंतरिम जमानत मंजूर
इलाहाबाद।
करोड़ों रुपये भूमि आवंटन घोटाले में आरोपी नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के पुत्र सनी यादव, बेटियों गरिमा भूषण और करुणा सिंह की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सभी को 11 मई तक विशेष न्यायालय सीबीआई गाजियाबाद में बांड भरने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सीबीआई से जवाब भी मांगा है।
जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीके सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याचीगण की ओर से अधिवक्ता आईके चतुर्वेदी और दिनेश कक्कड़ ने पक्ष रखा। यादव सिंह के परिवार पर आरोप है कि उन्होंने मात्र 17 महीनों में 23 करोड़ रुपये की आमदनी की जबकि इससे पहले उनकी कुल संपत्ति चार करोड़ रुपये थी। इससे पहले इन लोगों ने सीबीआई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी मगर सुनवाई के समय कोई हाजिर नहीं हुआ तो अर्जी खारिज कर दी गई। राहत के लिए सुप्रीमकोर्ट की शरण ली गई। सुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जमानत हेतु आवेदन करने का निर्देश दिया। सीबीआई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो गई तो तीनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी जिसे सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीमकोर्ट ने याचीगण को सात मई को हाजिर होने और जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।
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