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69 हजार अध्यापक भर्ती मामला: हाईकोर्ट ने तलब की विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट, 30 मई को होगी सुनवाई
Thu, 28 May 2020 05:31 PM IST
विनोद सिंह
news desk amar ujala, prayagraj
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Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 28 May 2020 05:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के जूनियर बेसिक स्कूलों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के सवालों के गलत उत्तर को लेकर दाखिल याचिकाओं पर विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट 29 मई को पेश करने का निर्देश दिया है । मामले की 30 मई को सुनवाई होगी।कोर्ट ने जानना चाहा है कि उत्तर कुंजी जारी करने से पहले अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर समुचित विचार किया गया या नहीं।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रोहित शुक्ल ,अंशू सिंह सहित दर्जनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा, विभू राय आदि ने पक्ष रखा।
कोर्ट ने कहा है कि पुनर्मूल्यांकन एवं स्क्रूटनी के लिए कोर्ट विशेषज्ञ नहीं है।सरकार के वकील का कहना था कि राज्य सरकार ने उत्तर कुंजी जारी कर आपत्ति मांगी थी। इन पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई। कमेटी ने आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही 18 जनवरी 19 को रिपोर्ट पेश की है।
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याचियों का कहना है कि कई सवालों के उत्तर विकल्प गलत है,तो कुछ के दो उत्तर विकल्प है। जिससे परिणाम सवालों के घेरे में है।सरकार का कहना है कि सवालों व उत्तरों को जारी कर आपत्ति मांगी थी। विशेषज्ञ कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट दी है। याची भी परीक्षा में बैठे है।चयन प्रक्रिया में कोई अवैधानिकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर परिणाम घोषित किया गया है। इस पर कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तलब की है। सुनवाई 30मई को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रोहित शुक्ल ,अंशू सिंह सहित दर्जनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा, विभू राय आदि ने पक्ष रखा।
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कोर्ट ने कहा है कि पुनर्मूल्यांकन एवं स्क्रूटनी के लिए कोर्ट विशेषज्ञ नहीं है।सरकार के वकील का कहना था कि राज्य सरकार ने उत्तर कुंजी जारी कर आपत्ति मांगी थी। इन पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई। कमेटी ने आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही 18 जनवरी 19 को रिपोर्ट पेश की है।
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याचियों का कहना है कि कई सवालों के उत्तर विकल्प गलत है,तो कुछ के दो उत्तर विकल्प है। जिससे परिणाम सवालों के घेरे में है।सरकार का कहना है कि सवालों व उत्तरों को जारी कर आपत्ति मांगी थी। विशेषज्ञ कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट दी है। याची भी परीक्षा में बैठे है।चयन प्रक्रिया में कोई अवैधानिकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर परिणाम घोषित किया गया है। इस पर कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तलब की है। सुनवाई 30मई को होगी।