फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   69 thousand Assistant Teacher Recruitment: Demand to allow error correction rejected

69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती : त्रुटि सुधार की अनुमति देने की मांग खारिज 

Mon, 26 Oct 2020 11:57 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 26 Oct 2020 11:57 AM IST
विज्ञापन
69 thousand Assistant Teacher Recruitment: Demand to allow error correction rejected
allahabad highcourt - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में गलत आवेदन फार्म भरने वाले अभ्यर्थी को त्रुटि सुधारने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की लोक परीक्षाओं में बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। कुछ लोगों को त्रुटि सुधारने की अनुमति देने से पूरी चयन  प्रक्रिया प्रभावित होगी। कोर्ट ने  सुप्रीमकोर्ट द्वारा अर्चना चौहान केस में दिए गए निर्णय को सामान्य आदेश न मानते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट का आदेश याची के मामले में विशेष तथ्यों के आधार पर दिया गया है। इस आदेश को नजीर मानते हुए सभी पर लागू नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

 
धर्मेंद्र कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने यह आदेश दिया। याची ने अपने बीए रतृतीय वर्ष तथा बीटीसी के रोल नंबर में सुधार करने का आदेश देने की मांग की थी। कोर्टने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व राजेंद्र पटेल वर्सेंज स्टेट ऑफ यूपी, पूजा यादव वर्सेज स्टेट ऑफ यूपी स्पेशल अपील और आरती वर्मा वर्सेज स्टेट ऑफ यूपी केस में दिए निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेशों से स्प्ष्ट है कि चयन के इस स्तर पर त्रुटि सुधार की अनुमति देने से पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी और निर्धारित समय सीमा में उसे पूरा कर पाना संभव नहीं होगा। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। 
विज्ञापन

कोर्ट ने किया मुकदमों का उल्लेख

1- पूजा यादव केस - में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा याची ने आवेदन में त्रुटि सुधार का तबतक कोई प्रयास नहीं किया जबतक उसे मेडिकल टेस्ट में शामिल कारने से इंकार नहीं कर दिया गया। इस स्तर पर कोई आदेश देने से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसी तरह की और याचिकाएं आएंगी। इस लिए चयन के इस स्तर पर कोई राहत नहीं दी जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरती वर्मा केस- में हाईकोर्ट ने कहा है कि अभ्यर्थियों को आवेदन फार्म सही से न भरने का खामियाजा भुगतना होगा। जब आवेदक खुद अपने बारे में सही सूचना देने में नाकाम रहा है तो त्रुटि सुधार का आवेदन निरस्त करने में कोई गलती नहीं दिखाई देती है। याची ने अपने जाति वर्ग को गलत भरा और चयन के इस स्तर पर अदालत के हस्तक्षेप से चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी। 


राममनोहर यादव केस- में हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भावी शिक्षक अपना एक पेज का आवेदन फार्म भी सही से नहीं भर सकते तो समझा जा सकता है कि यदि वे चयनित हुए तो भावी पीढ़ी को क्या पढ़ाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed