{"_id":"5f6663698ebc3e329040d00d","slug":"68500-assistant-teachers-result-city-desk-news-ald2867615199","type":"story","status":"publish","title_hn":"68500 सहायक अध्यापक भर्तीः तीसरी बार मूल्यांकन के बाद 21 अभ्यर्थी सफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
68500 सहायक अध्यापक भर्तीः तीसरी बार मूल्यांकन के बाद 21 अभ्यर्थी सफल
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में तीसरी बार मूल्यांकन के बाद जारी परिणाम में 21 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। पुनर्मूल्यांकन में 602 अभ्यर्थियों की कॉपियां जांची गईं, जिसमें 500 असफल को घोषित किए गए। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि सफल 102 अभ्यर्थियों में से 81 को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया है। इनका परिणाम कोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगा।
68500 शिक्षक भर्ती के लिए नौ जनवरी 2018 को भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। 27 मई को लिखित परीक्षा हुई और 13 अगस्त 2018 को परिणाम घोषित किया गया। इसमें पहली बार में 41 हजार 556 अभ्यर्थी सफल हुए थे। अब तक दो बार पुनर्मूल्यांकन के बाद लगभग 47 हजार को नियुक्ति मिल चुकी है। अभ्यर्थियों की शिकायत है कि उन्हें मेरिट के आधार पर स्कूल और जिले का आवंटन नहीं हुआ है।
बता दें कि शिक्षक भर्ती में शामिल सोनिका देवी की शिकायत पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने परीक्षार्थी की कॉपी कोर्ट में मंगाई तो पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इस अभ्यर्थी को मिले 122 अंक की जगह 22 अंक परीक्षा में मिले थे। इसके बाद जब परीक्षार्थियों ने कोर्ट में शिकायत करके पुनर्मूल्यांकन करवाया तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। इस गड़बड़ी की जिम्मेदार तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह एवं रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, अब उन्हें बहाल किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
68500 शिक्षक भर्ती के लिए नौ जनवरी 2018 को भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। 27 मई को लिखित परीक्षा हुई और 13 अगस्त 2018 को परिणाम घोषित किया गया। इसमें पहली बार में 41 हजार 556 अभ्यर्थी सफल हुए थे। अब तक दो बार पुनर्मूल्यांकन के बाद लगभग 47 हजार को नियुक्ति मिल चुकी है। अभ्यर्थियों की शिकायत है कि उन्हें मेरिट के आधार पर स्कूल और जिले का आवंटन नहीं हुआ है।
विज्ञापन
बता दें कि शिक्षक भर्ती में शामिल सोनिका देवी की शिकायत पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने परीक्षार्थी की कॉपी कोर्ट में मंगाई तो पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इस अभ्यर्थी को मिले 122 अंक की जगह 22 अंक परीक्षा में मिले थे। इसके बाद जब परीक्षार्थियों ने कोर्ट में शिकायत करके पुनर्मूल्यांकन करवाया तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। इस गड़बड़ी की जिम्मेदार तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह एवं रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, अब उन्हें बहाल किया जा चुका है।
विज्ञापन