Prayagraj : महाकुंभ में लगेंगी 67,000 स्ट्रीट लाइटें, बनेंगे 1,45,000 शौचालय, बनाए जाएंगे पांटून पुल
2025 के महाकुंभ मेले में एआई आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि श्रद्धालुओं की मदद के लिए एआई आधारित चैट बॉट भी यहां लगाया जाएगा। इससे श्रद्धालु अपनी शंकाओं का समाधान पा सकेंगे और यहां की सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। 2025 के महाकुंभ में देश-विदेश के 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
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महाकुंभ की तैयारियों को लेकर पुराने मेला अफसरों के अनुभवों को शामिल किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को योजना भवन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के आगे कई कुंभ मेलाधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया। इसमें अधिकारियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया। वर्कशाप में विभागवार अधिकारियों ने महाकुंभ की तैयारियों को लेकर पुराने अनुभवों को साझा किया।
बताया गया कि कुंभ के आयोजन के दौरान 4000 हेक्टेयर के मेला क्षेत्र में 67,000 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1,45,000 शौचालय, 1500 से ज्यादा साइनेज बोर्ड, 2000 टेंट और 25,000 सार्वजनिक आवासों के साथ 30 पांटून पुल बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने इस प्रेजेंटेशन में दिखाया कि पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर 1,49,620 पौधे भी लगाए जाएंगे।
बैठक में विभिन्न अधिकारियों के सुझाव भी लिए गए, जिनके आधार पर आगे की तैयारियों को अमल में लाया जाएगा। 2001 में मेला अधिकारी रहे जीवेश नंदन ने सुझाव दिया कि प्रॉजेक्ट फेज के साथ ही संचालन फेज को अलग करके देखा जाए। मेलों में अखाड़ा परिषद जैसे स्टेक होल्डर्स से भी बात की जाए और उनकी राय को भी अमल में लाया जाए।
अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ़ देवेश चतुर्वेदी ने 2013 में हुए कुंभ मेले का प्रेजेंटेशन दिखाया और बताया कि आपदा प्रबंधन और एयर ऐंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी विकसित की जानी चाहिए। सुरक्षा और यातायात के संबंध में डॉ़ एसएन साबत ने 2019 के कुंभ मेले से प्राप्त अनुभव साझा किए। पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया।
एआई आधारित चैट बॉट की होगी सुविधा
इस बार के कुंभ मेले में एआई आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि श्रद्धालुओं की मदद के लिए एआई आधारित चैट बॉट भी यहां लगाया जाएगा। इससे श्रद्धालु अपनी शंकाओं का समाधान पा सकेंगे और यहां की सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। 2025 के महाकुंभ में देश-विदेश के 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
पूर्ववर्ती मेलाधिकारियों ने अपने अनुभवों को कार्यशाला में साझा किया। इसके आधार पर कुंभमेला की तैयारियों में जुटे अफसरों को बहुत कुछ सीखने को मिला। - विजय किरन आनंद, कुंभमेलाधिकारी।
ग्रीन और स्मार्ट हो महाकुंभ - मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण के अनुकूल महाकुंभ को हरित और स्मार्ट बनाया जाए। तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाए ताकि लोगों को सहूलियत हो। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रयागराज के निवासियों को भी स्वच्छता के संबंध में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से चल रहे विभिन्न मिशनों के क्रियान्वयन के लिए भी सेंट्रल टीमों का मार्गदर्शन लिया जाए और उनके सुझावों को भी योजना का हिस्सा बनाया जाए।