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कांस्टेबल से डिप्टी कलेक्टर बने श्याम बाबू ने पेश की मिसाल
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श्याम बाबू नहीं जंचवाना चाहते अन्य परीक्षाओं की कॉपियां
0 कांस्टेबल से डिप्टी कलेक्टर बने श्याम बाबू ने पेश की मिसाल
0 अन्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए यूपीपीएससी में दिया पत्र
प्रयागराज। कड़ी मेहनत, लगन और अपने हौसले के बल से पीसीएस में चयनित श्याम बाबू ने एक और मिसाल पेश की। आगामी परीक्षाओं में अन्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिले, इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में लिखकर दिया है कि उनकी अन्य परीक्षाओं की कॉपियां न जांची जाएं।
मूलत: बलिया के इब्राहिमाबाद के रहने वाले 33 वर्षीय श्याम बाबू ने पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर रहते हुए पीसीएस की तैयारी की और पीसीएस-2016 में उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ। श्याम बाबू ने पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा, आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा और पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा दे रखी है। श्याम बाबू को लगता है कि अगर उन्होंने यह परीक्षाएं दीं और उनका चयन हुआ तो किसी एक बेरोजगार का हक मारा जाएगा। उनका डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हो चुका है और इन तीन परीक्षाओं में इससे बेहतर विकल्प नहीं बचा है। इसी के मद्देनजर श्याम बाबू ने आयोग के सचिव को पत्र देकर मांग की है कि इन तीन परीक्षाओं में उनकी कॉपियां न जांची जाएं, ताकि अन्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिल सके।
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श्याम बाबू नहीं जंचवाना चाहते अन्य परीक्षाओं की कॉपियां
0 कांस्टेबल से डिप्टी कलेक्टर बने श्याम बाबू ने पेश की मिसाल
0 अन्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए यूपीपीएससी में दिया पत्र
प्रयागराज। कड़ी मेहनत, लगन और अपने हौसले के बल से पीसीएस में चयनित श्याम बाबू ने एक और मिसाल पेश की। आगामी परीक्षाओं में अन्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिले, इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में लिखकर दिया है कि उनकी अन्य परीक्षाओं की कॉपियां न जांची जाएं।
मूलत: बलिया के इब्राहिमाबाद के रहने वाले 33 वर्षीय श्याम बाबू ने पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर रहते हुए पीसीएस की तैयारी की और पीसीएस-2016 में उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ। श्याम बाबू ने पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा, आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा और पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा दे रखी है। श्याम बाबू को लगता है कि अगर उन्होंने यह परीक्षाएं दीं और उनका चयन हुआ तो किसी एक बेरोजगार का हक मारा जाएगा। उनका डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हो चुका है और इन तीन परीक्षाओं में इससे बेहतर विकल्प नहीं बचा है। इसी के मद्देनजर श्याम बाबू ने आयोग के सचिव को पत्र देकर मांग की है कि इन तीन परीक्षाओं में उनकी कॉपियां न जांची जाएं, ताकि अन्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिल सके।
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