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सीबीआई ने दिया नोटिस, शहर न छोड़ें आयोग कर्मी
Updated Tue, 12 Jun 2018 12:50 AM IST
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सीबीआई ने दिया नोटिस, दफ्तर में मौजूद रहें आयोग कर्मी
0 बातना होगा, किसके दबाव में बुलाए गए संदिग्ध मॉडरेटर्स, परीक्षक
0 आयोग के अफसरों को दस्तावेजों के साथ जाना होगा कैंप कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई ने आयोग के कुछ कर्मचारियों और अफसरों को इस हफ्ते दफ्तर में नियमित रूप से उपस्थित रहने के लिए नोटिस भेजा है। सीबीआई किसी भी वक्त उन्हें पूछताछ के लिए गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय बुला सकती है। इस बीच सीबीआई की विशेष टीम सोमवार को इलाहाबाद पहुंच गई और कैंप कार्यालय में आयोग के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई।
सीबीआई ने विभिन्न आपराधिक धाराओं में दर्ज किए मुकदमे में कहा है कि पीसीएस-2015 की परीक्षा में कई अभ्यर्थियों के कॉपियों में ऐसे निशान मिले हैं, जो उनकी पहचान स्पष्ट कर रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियों में मॉडरेशन के नाम पर नंबरों से भी छेड़छाड़ की गई है। सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर अभ्यर्थियों का पीसीएस-2015 में चयन हो गया था। इसके पीछे आयोग के जिन अफसरों और कर्मचारियों का हाथ था, सीबीआई उन्हें चिह्नित कर चुकी है। साथ ही संदिग्ध मॉडरेटरों और परीक्षकों को भी चिह्नित किया जा चुका है। सीबीआई ने विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत आयोग के संदिग्ध अफसरों और कर्मचारियों को नोटिस भेजा है कि इस हफ्ते आयोग में नियमित रूप से मौजूद रहें।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इन संदिग्ध अफसरों एवं कर्मचारियों को कैंप कार्यालय बुलाकर उनसे पूछताछ करेगी। उनसे पूछा जाना है कि किस परिस्थिति में उन्हें ऐसे मॉडरेटरों और परीक्षकों को बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिन्होंने अंकों के साथ छेड़छाड़ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान संदिग्ध अफसरों को यह जवाब भी देना होगा कि कॉपियों में विशेष निशान बनाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आयोग के संबंधित अफसरों को दस्तावेजों के साथ कैंप कार्यालय में उपस्थित होना है।
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0 बातना होगा, किसके दबाव में बुलाए गए संदिग्ध मॉडरेटर्स, परीक्षक
0 आयोग के अफसरों को दस्तावेजों के साथ जाना होगा कैंप कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई ने आयोग के कुछ कर्मचारियों और अफसरों को इस हफ्ते दफ्तर में नियमित रूप से उपस्थित रहने के लिए नोटिस भेजा है। सीबीआई किसी भी वक्त उन्हें पूछताछ के लिए गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय बुला सकती है। इस बीच सीबीआई की विशेष टीम सोमवार को इलाहाबाद पहुंच गई और कैंप कार्यालय में आयोग के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई।
सीबीआई ने विभिन्न आपराधिक धाराओं में दर्ज किए मुकदमे में कहा है कि पीसीएस-2015 की परीक्षा में कई अभ्यर्थियों के कॉपियों में ऐसे निशान मिले हैं, जो उनकी पहचान स्पष्ट कर रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियों में मॉडरेशन के नाम पर नंबरों से भी छेड़छाड़ की गई है। सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर अभ्यर्थियों का पीसीएस-2015 में चयन हो गया था। इसके पीछे आयोग के जिन अफसरों और कर्मचारियों का हाथ था, सीबीआई उन्हें चिह्नित कर चुकी है। साथ ही संदिग्ध मॉडरेटरों और परीक्षकों को भी चिह्नित किया जा चुका है। सीबीआई ने विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत आयोग के संदिग्ध अफसरों और कर्मचारियों को नोटिस भेजा है कि इस हफ्ते आयोग में नियमित रूप से मौजूद रहें।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इन संदिग्ध अफसरों एवं कर्मचारियों को कैंप कार्यालय बुलाकर उनसे पूछताछ करेगी। उनसे पूछा जाना है कि किस परिस्थिति में उन्हें ऐसे मॉडरेटरों और परीक्षकों को बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिन्होंने अंकों के साथ छेड़छाड़ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान संदिग्ध अफसरों को यह जवाब भी देना होगा कि कॉपियों में विशेष निशान बनाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आयोग के संबंधित अफसरों को दस्तावेजों के साथ कैंप कार्यालय में उपस्थित होना है।
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