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भारी भीड़ के बीच ट्रेनों की लेटलतीफी ने बढ़ा दी मुश्किल
Updated Mon, 23 Oct 2017 01:18 AM IST
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भारी भीड़ के बीच ट्रेनों की लेटलतीफी ने बढ़ा दी मुश्किल
0 ट्रेनों में रविवार को उमड़ी सीजन की सर्वाधिक भीड़
0 जनरल कोच में तब्दील हो गए कई ट्रेनों के स्लीपर कोच
इलाहाबाद। दिवाली मनाने के बाद वापसी करने वाले लोगों की वजह से रविवार को ट्रेनों में इस सीजन की सर्वाधिक भीड़ उमड़ी। सबसे बुरा हाल दिल्ली रूट की ट्रेनों का रहा। भीड़ की वजह से दिल्ली जाने वाली प्रयागराज, शिवगंगा, महाबोधि, रीवां, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल के स्लीपर कोच जनरल कोच में तब्दील हो गए। इन ट्रेनों के जनरल कोच में यात्रियों को खड़े होने तक की भी जगह नहीं मिली। इस बीच ट्रेनों की लेट लतीफी ने भी यात्रियों को खासा परेशान कर दिया। सैकड़ों की संख्या में यात्री तमाम ट्रेनों का जंक्शन पर ही इंतजार करते नजर आए।
प्रयागराज में 700 के पार रही प्रतीक्षा सूची
0 दिवाली बाद पहले रविवार को भीड़ उमड़ेगी यह पहले से ही तय था। रविवार को ऐसा देखने को भी मिला। दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस की बात करें तो उसके स्लीपर में 700 के पार प्रतीक्षा सूची हो जाने के बाद नो रूम हो गया। इसके थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 378 एवं सेकंड एसी में प्रतीक्षा सूची लंबे समय बाद 194 पर पहुंच गई। यही हाल दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस का भी रहा। इसके स्लीपर में नो रूम तो थर्ड एवं सेकंड एसी में प्रतीक्षा सूची क्रमश: 252 एवं 141 रही। दिल्ली जाने वाली रीवां, महाबोधि, पुरुषोत्तम और ब्रह्मपुत्र मेल के भी स्लीपर में लंबी प्रतीक्षा सूची हो जाने के बाद नो रूम हो गया। शाम को प्रयागराज की रवानगी के दौरान ही सैकड़ों की संख्या में मुसाफिर उसके जनरल कोच में चढ़ने के लिए लाइन में लग गए। यार्ड से ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही यात्री जनरल कोच में चढ़ने के लिए भागे। बड़ी मुश्किल से वहां आरपीएफ ने यात्रियों को कंट्रोल किया। प्रयागराज, दुरंतो आदि ट्रेनों के स्लीपर कोच भी प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों की वजह से जनरल कोच में तब्दील हो गए। जिसे जहां जगह मिली वह वहीं बैठ गया। प्रयागराज, दुरंतो के स्लीपर कोच में तमाम मुसाफिर अपनी मिडिल बर्थ भी भीड़ की वजह से नहीं खोल सके। उधर मेरठ जाने वाली संगम, हरिद्वार एक्सप्रेस, साकेत, कामायनी, कालका मेल, मुरी समेत कई अन्य ट्रेनों में भी यात्रियों की खूब भीड़ रही।
नौचंदी बन गई सिरदर्द, रात एक बजे हुई रवाना
0 यात्रियों की भारी भीड़ के साथ ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी रविवार को यात्रियों को खासा परेशान किया। त्योहार मनाने के बाद लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी थी। ताकि सोमवार को वे अपना कामकाज आदि संभाल सके। इलाहाबाद जंक्शन की बात करें तो रविवार को यहां तमाम ट्रेनें घंटों देरी से पहुंची। मेरठ/सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस की लेटलतीफी ने यात्रियों को खासा परेशान किया। पिछले कई दिनों से नौचंदी न ही समय पर आ रही है और न ही समय से रवाना हो पा रही है। रविवार को मेरठ से आने वाली नौचंदी एक्सप्रेस सुबह 9.55 की बजाय शाम 6.30 बजे पहुंची। विलंब से आने की वजह से अप नौचंदी शाम 5.45 की बजाय रात एक बजे रवाना की गई। मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस भी शाम 5.45 की बजाय शाम 7.30 बजे रवाना हो सकी। इसके अलावा अप भागलपुर गरीबरथ 29 घंटे, अप सियालदाह-अजमेर 11 घंटे, 12487 सीमांचल एक्सप्रेस 18 घंटे, डाउन सीमांचल नौ घंटे तक लेट रही। वहीं दिवाली की भीड़ के लिए चलाई गई तमाम स्पेशल ट्रेनें भी रविवार को घंटों देरी से आई। जयनगर-आनंद विहार, दरभंगा-नई दिल्ली, भागलपुर-आनंद विहार स्पेशल क्रमश: छह, 21 एवं सात घंटे तक लेट रही।
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0 ट्रेनों में रविवार को उमड़ी सीजन की सर्वाधिक भीड़
0 जनरल कोच में तब्दील हो गए कई ट्रेनों के स्लीपर कोच
इलाहाबाद। दिवाली मनाने के बाद वापसी करने वाले लोगों की वजह से रविवार को ट्रेनों में इस सीजन की सर्वाधिक भीड़ उमड़ी। सबसे बुरा हाल दिल्ली रूट की ट्रेनों का रहा। भीड़ की वजह से दिल्ली जाने वाली प्रयागराज, शिवगंगा, महाबोधि, रीवां, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल के स्लीपर कोच जनरल कोच में तब्दील हो गए। इन ट्रेनों के जनरल कोच में यात्रियों को खड़े होने तक की भी जगह नहीं मिली। इस बीच ट्रेनों की लेट लतीफी ने भी यात्रियों को खासा परेशान कर दिया। सैकड़ों की संख्या में यात्री तमाम ट्रेनों का जंक्शन पर ही इंतजार करते नजर आए।
प्रयागराज में 700 के पार रही प्रतीक्षा सूची
0 दिवाली बाद पहले रविवार को भीड़ उमड़ेगी यह पहले से ही तय था। रविवार को ऐसा देखने को भी मिला। दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस की बात करें तो उसके स्लीपर में 700 के पार प्रतीक्षा सूची हो जाने के बाद नो रूम हो गया। इसके थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 378 एवं सेकंड एसी में प्रतीक्षा सूची लंबे समय बाद 194 पर पहुंच गई। यही हाल दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस का भी रहा। इसके स्लीपर में नो रूम तो थर्ड एवं सेकंड एसी में प्रतीक्षा सूची क्रमश: 252 एवं 141 रही। दिल्ली जाने वाली रीवां, महाबोधि, पुरुषोत्तम और ब्रह्मपुत्र मेल के भी स्लीपर में लंबी प्रतीक्षा सूची हो जाने के बाद नो रूम हो गया। शाम को प्रयागराज की रवानगी के दौरान ही सैकड़ों की संख्या में मुसाफिर उसके जनरल कोच में चढ़ने के लिए लाइन में लग गए। यार्ड से ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही यात्री जनरल कोच में चढ़ने के लिए भागे। बड़ी मुश्किल से वहां आरपीएफ ने यात्रियों को कंट्रोल किया। प्रयागराज, दुरंतो आदि ट्रेनों के स्लीपर कोच भी प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों की वजह से जनरल कोच में तब्दील हो गए। जिसे जहां जगह मिली वह वहीं बैठ गया। प्रयागराज, दुरंतो के स्लीपर कोच में तमाम मुसाफिर अपनी मिडिल बर्थ भी भीड़ की वजह से नहीं खोल सके। उधर मेरठ जाने वाली संगम, हरिद्वार एक्सप्रेस, साकेत, कामायनी, कालका मेल, मुरी समेत कई अन्य ट्रेनों में भी यात्रियों की खूब भीड़ रही।
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नौचंदी बन गई सिरदर्द, रात एक बजे हुई रवाना
0 यात्रियों की भारी भीड़ के साथ ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी रविवार को यात्रियों को खासा परेशान किया। त्योहार मनाने के बाद लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी थी। ताकि सोमवार को वे अपना कामकाज आदि संभाल सके। इलाहाबाद जंक्शन की बात करें तो रविवार को यहां तमाम ट्रेनें घंटों देरी से पहुंची। मेरठ/सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस की लेटलतीफी ने यात्रियों को खासा परेशान किया। पिछले कई दिनों से नौचंदी न ही समय पर आ रही है और न ही समय से रवाना हो पा रही है। रविवार को मेरठ से आने वाली नौचंदी एक्सप्रेस सुबह 9.55 की बजाय शाम 6.30 बजे पहुंची। विलंब से आने की वजह से अप नौचंदी शाम 5.45 की बजाय रात एक बजे रवाना की गई। मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस भी शाम 5.45 की बजाय शाम 7.30 बजे रवाना हो सकी। इसके अलावा अप भागलपुर गरीबरथ 29 घंटे, अप सियालदाह-अजमेर 11 घंटे, 12487 सीमांचल एक्सप्रेस 18 घंटे, डाउन सीमांचल नौ घंटे तक लेट रही। वहीं दिवाली की भीड़ के लिए चलाई गई तमाम स्पेशल ट्रेनें भी रविवार को घंटों देरी से आई। जयनगर-आनंद विहार, दरभंगा-नई दिल्ली, भागलपुर-आनंद विहार स्पेशल क्रमश: छह, 21 एवं सात घंटे तक लेट रही।
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