देवी के जयकारों संग अजान : सेंट्रल जेल नैनी में 516 बंदी नवरात्र व्रत और और 450 ने रखा है रोजा
नवरात्र और रमजान का महीना एक साथ ही चल रहा है। इसी के साथ धार्मिक गतिविधियां भी अपने चरम पर हैं। सेंट्रल जेल नैनी भी इससे अछूती नहीं है। जेल की आबोहवा में अराधना के गीत और इबादत की आवाज एक साथ गूंज रही है।
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सुबह छह बजते ही भजन-कीर्तन के साथ अजान की आवाज चारों तरफ गूंजने लगती है। कोई शक्ति की भक्ति लीन हो जाता है तो कोई खुदा की इबादत में। यह सबकुछ एक साथ चल रहा होता है, और वह भी जेल में। सेंट्रल जेल नैनी में इन दिनों माहौल पूरी तरह भक्ति में रचा-बसा है। जेल अधिकारियों ने भी नियमों के तहत वह सारी सुविधाएं बंदियों को मुहैया कराई हैं, जो किसी भी धार्मिक प्रयोजनों के लिए जरूरी हैं। इसके साथ ही बंदियों के खानपान का भी पूरा इंतजाम किया गया है।
नवरात्र और रमजान का महीना एक साथ ही चल रहा है। इसी के साथ धार्मिक गतिविधियां भी अपने चरम पर हैं। सेंट्रल जेल नैनी भी इससे अछूती नहीं है। जेल की आबोहवा में अराधना के गीत और इबादत की आवाज एक साथ गूंज रही है। जेल में इस बार 516 पुरुष व महिला बंदियों ने नवरात्र में नौ दिन का उपवास रखा है। वहीं 450 बंदियों ने रोजे रखेे हैं। जेल प्रशासन इन बंदियों को इनके धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार सारी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। आम बंदियों से अलग इनके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जेल प्रशासन द्वारा दिया जाता है फलाहार
नवरात्र के प्रथम दिन 1532 बंदियों ने व्रत रखा था। तब व्रत रखने वाले बंदियों को आधा किलो आलू, तीन केले, ढाई सौ ग्राम दूध व सौ ग्राम चीनी उपलब्ध कराई गई। बाद में जिन बंदियों ने नवरात्र के व्रत को जारी रखा, उनके लिए यह सामग्रियां नियमित कर दी गईं। इसी तरह रोजा रखने वालों को शाम को दौ सौ ग्राम दूध, तीन ग्राम खजूर, तीन केला, नींबू, पावरोटी व बिस्किट दिया जा रहा है। व्रत रखने वाले बंदी जेल परिसर में सुबह से शाम भजन, कीर्तन और देवी आराधना में लीन रहते हैं। जबकि रोजे रखने वाले इबादत में।
जेल में माहौल हो गया है भक्तिमय
जेल मैनुअल के अनुसार नवरात्र व्रत व रोजा रखने वालों को अलग से व्यवस्था कर पूजन व अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। नवरात्रि के पहले दिन कुल 1,532 बंदियों ने उपवास रखा था। ऐसे में उम्मीद है कि नवरात्रि के आठवें दिन भी इतने ही बंदी उपवास रखेंगे। जबकि 516 बंदी तमाम धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करते हुए पूरे नौ दिनों का उपवास रख रहे हैं। इनके साथ ही रोजा रखने वाले बंदियों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। - पीएन पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक