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एएन झा हॉस्टल में अभिजीत के तरानों की धूम
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:56 AM IST
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एएन झा हॉस्टल में अभिजीत के तरानों की धूम
सुरीले गीतों से गुलजार हुई शाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एएन झा हॉस्टल में बुधवार शाम मशहूर गायक अभिजीत घोषाल के तरानों की धूम रही। अभिजीत ने दो घंटे के कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक गाने सुनाकर अंत:वासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन एनएन झा हॉस्टल के अंत:वासियों की ओर से किया गया था। शाम 6.30 बजे से शुरू होकर कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चला। अभिजीत ने साईं भजन की भी प्रस्तुति दी। इसके अलावा मैं तैनू समझावां, गणेश वंदना, अभी मुझमें कहीं आदि नगमे सुनाए। बता दें कि अभिजीत मशहूर शो सारेगामापा में भी शिरकत कर चुके हैं। इलाहाबाद से पढ़ाई के दौरान उनका एएन झा हॉस्टल से विशेष जुड़ाव रहा है। इस दौरान अंत:वासियों के अलावा प्रो. अनुपम दीक्षित, प्रो. अनीता गोपेश, प्रो. असीम मुखर्जी, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. अनिल रंजन भौमिक और छात्रावास अधीक्षक डॉ. सुनीत द्विवेदी उपस्थित रहे। संयोजन एवं संचालन पद्म भूषण प्रताप सिंह एवं प्रदीप सिंह ने किया। अन्य अंत:वासियों में मृत्युंजय राव, कुंवर सिंह, नितेश एवं प्रियांशु ने सराहनीय योगदान दिया।
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सुरीले गीतों से गुलजार हुई शाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एएन झा हॉस्टल में बुधवार शाम मशहूर गायक अभिजीत घोषाल के तरानों की धूम रही। अभिजीत ने दो घंटे के कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक गाने सुनाकर अंत:वासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन एनएन झा हॉस्टल के अंत:वासियों की ओर से किया गया था। शाम 6.30 बजे से शुरू होकर कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चला। अभिजीत ने साईं भजन की भी प्रस्तुति दी। इसके अलावा मैं तैनू समझावां, गणेश वंदना, अभी मुझमें कहीं आदि नगमे सुनाए। बता दें कि अभिजीत मशहूर शो सारेगामापा में भी शिरकत कर चुके हैं। इलाहाबाद से पढ़ाई के दौरान उनका एएन झा हॉस्टल से विशेष जुड़ाव रहा है। इस दौरान अंत:वासियों के अलावा प्रो. अनुपम दीक्षित, प्रो. अनीता गोपेश, प्रो. असीम मुखर्जी, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. अनिल रंजन भौमिक और छात्रावास अधीक्षक डॉ. सुनीत द्विवेदी उपस्थित रहे। संयोजन एवं संचालन पद्म भूषण प्रताप सिंह एवं प्रदीप सिंह ने किया। अन्य अंत:वासियों में मृत्युंजय राव, कुंवर सिंह, नितेश एवं प्रियांशु ने सराहनीय योगदान दिया।
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