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आठ महीने में 192 ऑटो-टेंपो ही हो सके सीएनजी के
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:24 PM IST
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आठ महीने में शहर की सड़कों पर सीएनजी के सिर्फ 192 ऑटो-टेंपो
0 पिछले आठ माह में नहीं खुल सका है एक भी सीएनजी का नया फिलिंग स्टेशन
0 फिलिंग स्टेशन के लिए एनओसी न मिलने से अडाणी गैस लिमिटेड का अटक रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। तमाम कवायद के बाद इलाहाबाद की सड़कों में सीएनजी से लैस अब तक सिर्फ 192 ऑटो-टेंपो ही चल सके हैं। पिछले छह माह के दौरान शहर में एक भी सीएनजी का फिलिंग स्टेशन नहीं खुल सका है। शहर में इंडियन ऑयल अडानी प्राइवेट लिमिटेड को सीएनजी फिलिंग के स्टेशन खोलने हैं। पिछले साल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में यहां तीन सीएनजी के फिलिंग स्टेशन खोले गए थे। इंडियन ऑयल अडाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड को भी एक भी सीएनजी फिलिंग स्टेशन खोले जाने की अनुमति नहीं मिल सकी है। यह हाल तब है कि जब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
संगम नगरी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पिछले साल 20 दिसंबर को इलाहाबाद में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की शुरूआत की थी। तब लक्ष्य निर्धारित किया गया था कि साल भर के भीतर शहर में चलने वाले सभी ऑटो-टेंपो और सिटी बसें सीएनजी से लैस कर दी जाएं। ताकि शहरियों को डीजल वाहनों से निकलने वाले काले धुएं से निजात मिल सके। लेकिन सुस्त सरकारी मशीनरी के चलते शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत चलने वाले अधिकांश वाहन अब भी डीजल वाले ही है। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डाले तो अब तक वहां सीएनजी वाले सिर्फ 192 ऑटो-टेंपो का ही पंजीकरण हो सका है। इसके अलावा 25 स्कूली बसों का भी रजिस्ट्रेशन हुआ है जो सीएनजी से चल रही है। शहर में सीएनजी वाहनों की कमी के सवाल पर इंडियन ऑयल अडानी प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर विकल्प शुक्ला से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्रशासन को तय करना है कि वह डीजल चलित वाहनों को कब तक शहर से हटा पाएगा। उन्होंने बताया कि बम्हरौली में सीएनजी फिलिंग स्टेशन के लिए अब तक एनओसी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय छह और फिलिंग स्टेशन को खोलने की तैयारी है।
अगले तीन माह में 1000 ऑटो-टेंपो को सीएनजी से लैस करने का दावा
0 संभागीय परिवहन विभाग का दावा है कि अगले तीन माह में एक हजार ऑटो-टेंपो को सीएनजी से लैस कर दिया जाएगा। आरटीओ सगीर अहमद का कहना है कि विभाग में अब शहरी सीमा में डीजल से चलने वाले ऑटो-टेंपो का पंजीकरण नहीं हो रहा है। उम्मीद है कि अगले तीन माह में सीएनजी से चलने वाले ऑटो-टेंपो की संख्या एक हजार तक हो जाएगी। बता दें कि इलाहाबाद में संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से शहर में 1898 टेंपो विक्रम, 1974 ऑटो रिक्शा के संचालन का परमिट है। ये सभी डीजल से संचालित है। बाकी पुराने ऑटो का परमिट खत्म हो गया।
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0 पिछले आठ माह में नहीं खुल सका है एक भी सीएनजी का नया फिलिंग स्टेशन
0 फिलिंग स्टेशन के लिए एनओसी न मिलने से अडाणी गैस लिमिटेड का अटक रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। तमाम कवायद के बाद इलाहाबाद की सड़कों में सीएनजी से लैस अब तक सिर्फ 192 ऑटो-टेंपो ही चल सके हैं। पिछले छह माह के दौरान शहर में एक भी सीएनजी का फिलिंग स्टेशन नहीं खुल सका है। शहर में इंडियन ऑयल अडानी प्राइवेट लिमिटेड को सीएनजी फिलिंग के स्टेशन खोलने हैं। पिछले साल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में यहां तीन सीएनजी के फिलिंग स्टेशन खोले गए थे। इंडियन ऑयल अडाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड को भी एक भी सीएनजी फिलिंग स्टेशन खोले जाने की अनुमति नहीं मिल सकी है। यह हाल तब है कि जब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
संगम नगरी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पिछले साल 20 दिसंबर को इलाहाबाद में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की शुरूआत की थी। तब लक्ष्य निर्धारित किया गया था कि साल भर के भीतर शहर में चलने वाले सभी ऑटो-टेंपो और सिटी बसें सीएनजी से लैस कर दी जाएं। ताकि शहरियों को डीजल वाहनों से निकलने वाले काले धुएं से निजात मिल सके। लेकिन सुस्त सरकारी मशीनरी के चलते शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत चलने वाले अधिकांश वाहन अब भी डीजल वाले ही है। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डाले तो अब तक वहां सीएनजी वाले सिर्फ 192 ऑटो-टेंपो का ही पंजीकरण हो सका है। इसके अलावा 25 स्कूली बसों का भी रजिस्ट्रेशन हुआ है जो सीएनजी से चल रही है। शहर में सीएनजी वाहनों की कमी के सवाल पर इंडियन ऑयल अडानी प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर विकल्प शुक्ला से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्रशासन को तय करना है कि वह डीजल चलित वाहनों को कब तक शहर से हटा पाएगा। उन्होंने बताया कि बम्हरौली में सीएनजी फिलिंग स्टेशन के लिए अब तक एनओसी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय छह और फिलिंग स्टेशन को खोलने की तैयारी है।
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अगले तीन माह में 1000 ऑटो-टेंपो को सीएनजी से लैस करने का दावा
0 संभागीय परिवहन विभाग का दावा है कि अगले तीन माह में एक हजार ऑटो-टेंपो को सीएनजी से लैस कर दिया जाएगा। आरटीओ सगीर अहमद का कहना है कि विभाग में अब शहरी सीमा में डीजल से चलने वाले ऑटो-टेंपो का पंजीकरण नहीं हो रहा है। उम्मीद है कि अगले तीन माह में सीएनजी से चलने वाले ऑटो-टेंपो की संख्या एक हजार तक हो जाएगी। बता दें कि इलाहाबाद में संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से शहर में 1898 टेंपो विक्रम, 1974 ऑटो रिक्शा के संचालन का परमिट है। ये सभी डीजल से संचालित है। बाकी पुराने ऑटो का परमिट खत्म हो गया।
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