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बर्खास्त सीआरपीएफ जवान को राहत
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मुरादाबाद के लिए
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बर्खास्त सीआरपीएफ जवान को राहत नहीं
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ रामपुर के हवलदार ड्राइवर शाहिद अली की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। याची का तबादला किया गया, मगर उसने ज्वाइन नहीं किया। लगातार गैरहाजिर रहने पर विभागीय जांच बैठा दी गई। जांच के लिए बुलाए जाने पर वह हाजिर नहीं हुआ। जांच रिपोर्ट पर दंड प्रश्न पर भी याची ने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद एकपक्षीय जांच कर उसे बर्खास्त कर दिया गया।
इसके बाद यह कहते हुए बर्खास्तगी को चुनौती दी गई कि उसे बचाव का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने कहा कि याची ने अपने पक्ष के तथ्यों को विभागीय कार्यवाही में नहीं रखा और पहली बार हाईकोर्ट में इसे उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने हवलदार ड्राइवर शाहिद अली की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याचिका पर भारत सरकार के अधिवक्ता गौरव कुमार चंद ने प्रतिवाद किया। याची की नियुक्ति 1980 में रामपुर में कांस्टेबल पद पर हुई थी। वह प्रोन्नति पाकर हवलदार ड्राइवर के पद पर पहुंचा। उसे 62 बटालियन कुमार घाट नार्थ त्रिपुरा में भेजा गया तो वह गैरहाजिर हो गया और कदाचार तथा कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर बर्खास्त कर दिया गया।
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बर्खास्त सीआरपीएफ जवान को राहत नहीं
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ रामपुर के हवलदार ड्राइवर शाहिद अली की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। याची का तबादला किया गया, मगर उसने ज्वाइन नहीं किया। लगातार गैरहाजिर रहने पर विभागीय जांच बैठा दी गई। जांच के लिए बुलाए जाने पर वह हाजिर नहीं हुआ। जांच रिपोर्ट पर दंड प्रश्न पर भी याची ने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद एकपक्षीय जांच कर उसे बर्खास्त कर दिया गया।
इसके बाद यह कहते हुए बर्खास्तगी को चुनौती दी गई कि उसे बचाव का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने कहा कि याची ने अपने पक्ष के तथ्यों को विभागीय कार्यवाही में नहीं रखा और पहली बार हाईकोर्ट में इसे उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने हवलदार ड्राइवर शाहिद अली की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याचिका पर भारत सरकार के अधिवक्ता गौरव कुमार चंद ने प्रतिवाद किया। याची की नियुक्ति 1980 में रामपुर में कांस्टेबल पद पर हुई थी। वह प्रोन्नति पाकर हवलदार ड्राइवर के पद पर पहुंचा। उसे 62 बटालियन कुमार घाट नार्थ त्रिपुरा में भेजा गया तो वह गैरहाजिर हो गया और कदाचार तथा कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर बर्खास्त कर दिया गया।
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