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पिता ने अपने ही कलेजे के टुकड़े पर चढ़ा दिया ट्रक
Updated Sat, 26 May 2018 12:52 AM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। जिस कलेजे के टुकड़े को पाल पोस कर यह सोच कर बड़ा किया था कि एक दिन वह बुढ़ापे की लाठी बनेगा, पिता की एक चूक ने उसी कलेजे को टुकड़े को मौत की नींद सुला दिया। तूफान के दौरान गिरे पेड़ की वजह से लगे जाम से निकलने की जल्दबाजी में ट्रक ड्राइवर ने अपने बेटे पर ही ट्रक चढ़ा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटा जाम लगने के कारण ट्रक के नीचे सो गया था। पुलिस ने घटना को इत्तफाकिया दर्ज कर लाश उसके पिता को सौंप दी है।
प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थानार्न्तगत कदमपुर गांव निवासी शिवचंद्र ट्रक चलाता है। गाड़ी में उसका बेटा प्रकाश पांडेय खलासी का काम करता था। गुरुवार को पिता-पुत्र भरतकूप से गिट्टी लोड करके प्रतापगढ़ जा रहे थे। महेवाघाट थाने के मवई मोड़ के समीप तूफान आने की वजह से पेड़ गिर गया था। इससे वहां पर जाम लग गया। जाम की वजह से ट्रक खड़ा करना पड़ा। इस बीच प्रकाश ट्रक के नीचे सोने चला गया। उसने इसकी जानकारी ट्रक चला रहे अपने पिता को नहीं दी। जाम जैसे ही खत्म हुआ शिवचंद्र ने ट्रक आगे बढ़ा दिया। उसने सोचा कि प्रकाश शायद आगे खड़ा होगा। इस बीच किसी ने बताया कि उसके ट्रक से एक युवक दब गया है। ट्रक रोककर शिवचंद्र नीचे उतरा तो दहाड़े मारकर रोने लगा। दरअसल वह उसका बेटा प्रकाश था। घटना की जानकारी होने पर इंस्पेक्टर महेवाघाट दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। शिवचंद्र अपनी गलती का एहसास करके रो रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर लाश उसके पिता को सौंप दी है।
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प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थानार्न्तगत कदमपुर गांव निवासी शिवचंद्र ट्रक चलाता है। गाड़ी में उसका बेटा प्रकाश पांडेय खलासी का काम करता था। गुरुवार को पिता-पुत्र भरतकूप से गिट्टी लोड करके प्रतापगढ़ जा रहे थे। महेवाघाट थाने के मवई मोड़ के समीप तूफान आने की वजह से पेड़ गिर गया था। इससे वहां पर जाम लग गया। जाम की वजह से ट्रक खड़ा करना पड़ा। इस बीच प्रकाश ट्रक के नीचे सोने चला गया। उसने इसकी जानकारी ट्रक चला रहे अपने पिता को नहीं दी। जाम जैसे ही खत्म हुआ शिवचंद्र ने ट्रक आगे बढ़ा दिया। उसने सोचा कि प्रकाश शायद आगे खड़ा होगा। इस बीच किसी ने बताया कि उसके ट्रक से एक युवक दब गया है। ट्रक रोककर शिवचंद्र नीचे उतरा तो दहाड़े मारकर रोने लगा। दरअसल वह उसका बेटा प्रकाश था। घटना की जानकारी होने पर इंस्पेक्टर महेवाघाट दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। शिवचंद्र अपनी गलती का एहसास करके रो रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर लाश उसके पिता को सौंप दी है।
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