Prayagraj : इंदिरा मैराथन में 410 धावक लगाएंगे दौड़, विजेता को मिलेंगे दो लाख रुपये
शनिवार रात नौ बजे तक इंदिरा मैराथन के लिए 410 धावकों ने पंजीकरण करा लिया था। इसमें 50 महिला धावक भी शामिल हैं। वहीं, शनिवार को स्टेडियम परिसर में प्रदेश के खेल निदेशक आरपी सिंह ने बैठक कर सभी विभागों के अधिकारियों को मैराथन को सफल बनाने की शपथ दिलाई।
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विस्तार
38वीं अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन दौड़ का आगाज रविवार को ऐतिहासिक स्थल आनंद भवन से होगा। प्रदेश सरकार में खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव धावकों को हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ करेंगे।
इसके बाद धावक स्वराज भवन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, आनंद भवन, धोबी घाट चौराहा, डीआईजी ऑफिस चौराहा, एजी आफिस, पोलो ग्राउंड चौराहा, इलाहाबाद हाईकोर्ट, हनुमान मंदिर चौराहा, मेडिकल चौराहा, सीएमपी, डाटपुल, बैरहना, नया पुल, डांडी, चाका ब्लाक भंडरा होते हुए दांदूपुर भारत पेट्रोल पंप तक पहुंचेंगे। फिर इसी मार्ग से वापस आकर धावक चंद्रशेखर आजाद पार्क के गेट नंबर एक से प्रवेश कर मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समापन स्थल तक पहुंचेंगे।
शनिवार रात नौ बजे तक इंदिरा मैराथन के लिए 410 धावकों ने पंजीकरण करा लिया था। इसमें 50 महिला धावक भी शामिल हैं। वहीं, शनिवार को स्टेडियम परिसर में प्रदेश के खेल निदेशक आरपी सिंह ने बैठक कर सभी विभागों के अधिकारियों को मैराथन को सफल बनाने की शपथ दिलाई।
एक नजर में
पुरस्कार
विजेता दो लाख रुपये
उपविजेता एक लाख रुपये
तृतीय स्थान 75 हजार रुपये
चार से 14 स्थान दस-दस हजार रुपये
दूरी 42.195 किलोमीटर
प्रारंभ आनंद भवन गेट से सुबह साढ़े छह बजे
समापन मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में
कुल धावक 410
पुरुष 359
महिलाएं 51
जल बूथ सात
जलपान बूथ नौ
इंडिकेटर्स 42
एंबुलेंस पांच
डॉक्टर पांच
स्वास्थ्यकर्मी 25धावक पायलट 28
वायरलेस से मिलेगी विजेताओं की जानकारी
स्टेडियम में बैठे दर्शकों एवं खेल प्रेमियों को दौड़ प्रारंभ होने से लेकर समाप्त होने तक की जानकारी वायरलेस सेट के सहारे उपलब्ध कराई जाएगी। पहले तीन स्थान पर चल रहे धावक-धाविकाओं के बारे में दर्शकों को लगातार बताया जाता रहेगा।
चेक पोस्ट पर नोट किया जाएगा धावकों का चेस्ट नंबर
मैराथन मार्ग पर बनाए गए चेक पोस्ट पर धावकों का चेस्ट नंबर नोट किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि कौन सा धावक किस चेक पोस्ट पर किस समय पहुंचा है।
वाहनों का प्रवेश रहेगा वर्जितमैराथन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी के साथ कोई भी व्यक्तिगत रूप से वाहन लेकर नहीं चल सकेगा। मैराथन में वही वाहन रहेगा, जिसकी अनुमति आयोजक द्वारा चिह्नित रहेगी। आगे चलने वाले पहले 14 धावकों के साथ पायलट गाड़ियां मौजूद रहेंगी। वहीं, 1000 कर्मी पूरे मैराथन मार्ग में आयोजन की कमान संभालेंगे।
रिकॉर्ड पर होगी धावकों की नजर
इंदिरा मैराथन के पुराने रिकॉर्ड पर भी धावकों की विशेष नजर होगी। अबतक सर्वश्रेष्ठ समय का रिकॉर्ड स्वरूप सिंह के नाम है, जिन्होंने दो घंटे 13 मिनट 57 सेकंड में 42.195 किलोमीटर की दौड़ पूरी की थी। इस रिकॉर्ड को 36 साल से कोई भी नहीं तोड़ सका है।
स्वच्छता का दिया जाएगा संदेश
इस बार मैराथन को पहली बार थीम पर आयोजित किया जा रहा है। मैराथन मार्ग में जगह-जगह बैनर के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। रन फॉर स्वच्छता और नो टू प्लास्टिक के बैनर के साथ ही मैराथन के सभी प्रतिभागियों को टीशर्ट व टोपी भी इसी संदेश की दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
आदेश का नहीं हुआ असर, गड्ढों के बीच दौड़ेंगे धावक
इंदिरा मैराथन की तैयारियां अक्तूबर से ही शुरू कर दी गई थीं। जिलाधिकारी ने कई बैठकों में सभी विभागों को समय से अपना काम पूरा करने का आदेश दिया। खेल प्रशासन भी लगातार सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर अपने कार्यों को पूरा करने के लिए पत्राचार करता रहा। लेकिन मैराथन के आयोजन रूट पर कई तरह की कमियां अभी भी हैं। कई आदेशों के बाद भी मार्ग के गड्ढों को नहीं भरा गया। अब धावकों को इन्हीं गड्ढों के बीच दौड़ना पड़ेगा। हालांकि, शनिवार को मार्ग पर कई जगह पैचवर्क जरूर हुआ, लेकिन मार्ग पर अभी भी दर्जन भर गड्ढे मौजूद हैं। शनिवार की शाम तक एसआरएन अस्पताल, इलाहाबाद हाईकोर्ट चौराहा, म्योराबाद पेट्रोल पंप, डांडी और सीएमपी डॉट पुल के पास बड़े गड्ढे नहीं सही किए गए। वहीं, एमजी मार्ग और छावनी मार्ग पर कई जगह सड़कों पर गिट्टियां फैली हुई हैं, जिससे धावकों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।