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चार सदस्यीय कमेटी करेगी नर्स पिटाई मामले की जांच
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4 members committee will probe in nurse beaten case
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल के वार्ड एक में सोमवार को स्टाफ नर्स को थप्पड़ मारने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। नर्सें दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रही हैं, लेकिन आरोपी जूनियर डॉक्टर प्राचार्य और एचओडी के बुलाने पर भी उनके दफ्तर और अस्पताल नहीं आ रहा है। प्राचार्य के निर्देश पर मंगलवार को आरोपी डॉक्टर को 15 दिन के लिए निलंबित कर पत्र जारी किया गया है। चार सदस्यीय कमेटी मामले की जांच करेगी।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर(जेआर वन) को सोमवार को मौखिक आदेश पर निलंबित किया गया था। इस संबंध में एचओडी आर्थो डॉ डीसी श्रीवास्तव ने मंगलवार को पत्र जारी किया। इसकी एक प्रति राजकीय नर्सेस संघ की अध्यक्ष साफिया खातून और महामंत्री माधुरी देवी को भी दी गई है। प्राचार्य के निर्देश पर एसआईसी एसआरएन डॉ अजय सक्सेना, स्त्री एवं प्रसूति विभाग की अध्यक्ष अमृता चौरसिया, ईएंडटी विभाग के अध्यक्ष डॉ सचिन जैन और मैट्रेन नरसीन फात्मा की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। टीम को सात दिन में जांच रिपोर्ट प्राचार्य को देनी है। वहीं नर्सों ने कहा कि एससी नर्स पर हमले मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाने की तैयारी है। पुलिस ने सोमवार को दी गई तहरीर को किनारे कर दिया। अब नए सिरे से कार्रवाई की मांग की जा रही है। भुक्तभोगी नर्स के माता-पिता और भाई भी यहां पहुंच चुके हैं।
मामले में बुधवार को मुकदमा दर्ज कराने का फिर प्रयास किया जाएगा। नर्सेस संघ की अगुवाई में मंगलवार को बड़ी संख्या में एकजुट नर्सों ने एसआईसी कार्यालय पर धरना दिया। उनकी मांग है कि नर्स पिटाई मामले में प्रभावी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नर्सों ने एसआईसी से कहा कि नर्स को पीटने वाले को 15 दिन के लिए ही निलंबित किया जाना ठीक नहीं है। निलंबन अवधि बढ़ाई जाए अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
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एमएलएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर(जेआर वन) को सोमवार को मौखिक आदेश पर निलंबित किया गया था। इस संबंध में एचओडी आर्थो डॉ डीसी श्रीवास्तव ने मंगलवार को पत्र जारी किया। इसकी एक प्रति राजकीय नर्सेस संघ की अध्यक्ष साफिया खातून और महामंत्री माधुरी देवी को भी दी गई है। प्राचार्य के निर्देश पर एसआईसी एसआरएन डॉ अजय सक्सेना, स्त्री एवं प्रसूति विभाग की अध्यक्ष अमृता चौरसिया, ईएंडटी विभाग के अध्यक्ष डॉ सचिन जैन और मैट्रेन नरसीन फात्मा की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। टीम को सात दिन में जांच रिपोर्ट प्राचार्य को देनी है। वहीं नर्सों ने कहा कि एससी नर्स पर हमले मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाने की तैयारी है। पुलिस ने सोमवार को दी गई तहरीर को किनारे कर दिया। अब नए सिरे से कार्रवाई की मांग की जा रही है। भुक्तभोगी नर्स के माता-पिता और भाई भी यहां पहुंच चुके हैं।
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मामले में बुधवार को मुकदमा दर्ज कराने का फिर प्रयास किया जाएगा। नर्सेस संघ की अगुवाई में मंगलवार को बड़ी संख्या में एकजुट नर्सों ने एसआईसी कार्यालय पर धरना दिया। उनकी मांग है कि नर्स पिटाई मामले में प्रभावी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नर्सों ने एसआईसी से कहा कि नर्स को पीटने वाले को 15 दिन के लिए ही निलंबित किया जाना ठीक नहीं है। निलंबन अवधि बढ़ाई जाए अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
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