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जमानत के लिए तीसरी बार हाईकोर्ट पहुंचे कपिल मुनि
Updated Sat, 26 May 2018 01:32 AM IST
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जमानत के लिए तीसरी बार हाईकोर्ट पहुंचे कपिलमुनि
0 पिछली अर्जियों व कागजात के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश
इलाहाबाद।
जवाहर पंडित हत्याकांड में आरोपी पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया ने अपनी जमानत के लिए तीसरी बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अर्जी दाखिल कर जमानत पर रिहा करने की मांग की है। अर्जी पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने इस अर्जी को पिछले दो जमानत प्रार्थना पत्रों व अन्य कागजात के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
तीसरी जमानत अर्जी में कहा गया है कि हत्या में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। बेटी के विवाह का भी आधार लिया गया है। कहा गया है कि अभिभावकों के न होने के कारण बेटी की शादी के लिए कोई प्रयास नहीं हो पा रहा है। यह भी कहा गया कि उन्हें राजनीतिक रंजिशवश झूठा फंसाया गया है। घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न बताई गई है। गौरतलब है कि 11 अगस्त 1996 को देर शाम सिविल लाइंस में पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित की अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में पूर्व सांसद कपिलमुनि सहित तीनों करवरिया बंधु जेल में हैं। कपिलमुनि करवरिया की इसके पूर्व 11 नवंबर 2016 को पहली और 10 फरवरी 2017 को दूसरी जमानत अर्जी न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
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0 पिछली अर्जियों व कागजात के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश
इलाहाबाद।
जवाहर पंडित हत्याकांड में आरोपी पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया ने अपनी जमानत के लिए तीसरी बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अर्जी दाखिल कर जमानत पर रिहा करने की मांग की है। अर्जी पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने इस अर्जी को पिछले दो जमानत प्रार्थना पत्रों व अन्य कागजात के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
तीसरी जमानत अर्जी में कहा गया है कि हत्या में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। बेटी के विवाह का भी आधार लिया गया है। कहा गया है कि अभिभावकों के न होने के कारण बेटी की शादी के लिए कोई प्रयास नहीं हो पा रहा है। यह भी कहा गया कि उन्हें राजनीतिक रंजिशवश झूठा फंसाया गया है। घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न बताई गई है। गौरतलब है कि 11 अगस्त 1996 को देर शाम सिविल लाइंस में पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित की अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में पूर्व सांसद कपिलमुनि सहित तीनों करवरिया बंधु जेल में हैं। कपिलमुनि करवरिया की इसके पूर्व 11 नवंबर 2016 को पहली और 10 फरवरी 2017 को दूसरी जमानत अर्जी न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
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