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जेपी नगर के दो वकीलों को अवमानना में सजा
Updated Sat, 23 Sep 2017 08:27 PM IST
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जेपी नगर के दो वकीलों को अवमानना में सजा
0 15 दिन की कैद और 2000 रुपये जुर्माना लगा
0 कुल 41 वकीलों पर चला था अवमानना का केस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने ज्योतिबा फूले नगर जिला अदालत में बवाल काटने के आरोपी दो अधिवक्ताओं को अवमानना में सजा सुनाई है। दोनों अधिवक्ताओं दिलशाद अली और बसंत सिंह को 15-15 दिन के कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने दोनों के जेपी नगर जिला न्यायालय परिसर में प्रवेश पर छह माह का प्रतिबंध भी लगाया है। जिला जज जेपी नगर सईद उल जमा सिद्दकी द्वारा भेजे गए अवमानना संदर्भ पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति केजे ठाकर की पीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने सजा के अमल पर दो माह के लिए रोक लगाई है ताकि आरोपी अधिवक्ता इसके खिलाफ अपील दाखिल कर सकें।
जिला जज जेपी नगर ने 12 नवंबर 2010 को 41 अधिवक्ताओं के खिलाफ अवमानना का रेफरेंस भेजा था। इन सभी पर सात मार्च 2010 को न्यायालय के पुराने भवन से नए भवन में शिफ्ट होने के दौरान बवाल और तोड़फोड़ करने तथा न्यायालय कर्मियों के काम में बाधा पहुंचाने का आरोप था। रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान चार अधिवक्ताओं ने माफी मांग ली और उनको मामूली सजा से दंडित किया गया। अधिवक्ता दिलशाद अली और बसंत सिंह ने आरोपों से इंकार करते हुए विचारण करने का अनुरोध किया। दोनों का कहना था कि उनको गलत फंसाया गया है। कोर्ट ने मामले पर विचारण के बाद दोनों को घटना में शामिल पाया था तथा अवमानना का आरोपी मानते हुए सजा सुनाई है।
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0 15 दिन की कैद और 2000 रुपये जुर्माना लगा
0 कुल 41 वकीलों पर चला था अवमानना का केस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने ज्योतिबा फूले नगर जिला अदालत में बवाल काटने के आरोपी दो अधिवक्ताओं को अवमानना में सजा सुनाई है। दोनों अधिवक्ताओं दिलशाद अली और बसंत सिंह को 15-15 दिन के कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने दोनों के जेपी नगर जिला न्यायालय परिसर में प्रवेश पर छह माह का प्रतिबंध भी लगाया है। जिला जज जेपी नगर सईद उल जमा सिद्दकी द्वारा भेजे गए अवमानना संदर्भ पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति केजे ठाकर की पीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने सजा के अमल पर दो माह के लिए रोक लगाई है ताकि आरोपी अधिवक्ता इसके खिलाफ अपील दाखिल कर सकें।
जिला जज जेपी नगर ने 12 नवंबर 2010 को 41 अधिवक्ताओं के खिलाफ अवमानना का रेफरेंस भेजा था। इन सभी पर सात मार्च 2010 को न्यायालय के पुराने भवन से नए भवन में शिफ्ट होने के दौरान बवाल और तोड़फोड़ करने तथा न्यायालय कर्मियों के काम में बाधा पहुंचाने का आरोप था। रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान चार अधिवक्ताओं ने माफी मांग ली और उनको मामूली सजा से दंडित किया गया। अधिवक्ता दिलशाद अली और बसंत सिंह ने आरोपों से इंकार करते हुए विचारण करने का अनुरोध किया। दोनों का कहना था कि उनको गलत फंसाया गया है। कोर्ट ने मामले पर विचारण के बाद दोनों को घटना में शामिल पाया था तथा अवमानना का आरोपी मानते हुए सजा सुनाई है।
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