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कोर्ट से कॉपी जांचने की जिद पर लगा 25 हजार हर्जाना
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25 thousand damages imposed on the insistence of checking the copy from the court
68500 सहायक अध्यापक भर्ती
कोर्ट से कॉपी जांचने की जिद पर लगा 25 हजार हर्जाना
0 याची की मांग गलत साबित होने पर भी जिद पर अड़ा था
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थी को हाईकोर्ट से अपनी कॉपी की जांच कराने की जिद करना महंगा पड़ गया। याची द्वारा लगाए आरोप गलत साबित हो जाने के बावजूद जांच की जिद पर कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगा दिया है। याची को हर्जाने की रकम दो माह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हर्जाने की राशि जमा नहीं करने पर इसे राजस्व की तरह वसूला जाए।
अभ्यर्थी लक्ष्मीदेवी की याचिका यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने दिया है। याची को अध्यापक भर्ती परीक्षा में 58 अंक मिले थे। उसने पुनर्मूल्यांकन की मांग की। पुनर्मूल्यांकन के बाद भी उसे प्राप्त अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ। परीक्षा नियामक प्राधिकारी के वकील जितेंद्र कुमार सिंह ने रिपोर्ट पेश की। याची को स्कैन कॉपी दी गई। उसने आरोप लगाया कि स्कैन कॉपी में हर पेज पर बारकोड अलग-अलग दर्ज है, जिस पर कोर्ट ने उत्तर पुस्तिका की मूल प्रति मंगाई। रजिस्ट्रार जनरल को मूल प्रति की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। जांच में बारकोड हर पेज पर एक समान पाया गया। रजिस्ट्रार जनरल की इस रिपोर्ट के बावजूद याची इसे मानने को तैयार नहीं हुई। खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद भी याची ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह स्वयं कॉपी की जांच करें, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जतातेे हुए हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी।
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कोर्ट से कॉपी जांचने की जिद पर लगा 25 हजार हर्जाना
0 याची की मांग गलत साबित होने पर भी जिद पर अड़ा था
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थी को हाईकोर्ट से अपनी कॉपी की जांच कराने की जिद करना महंगा पड़ गया। याची द्वारा लगाए आरोप गलत साबित हो जाने के बावजूद जांच की जिद पर कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगा दिया है। याची को हर्जाने की रकम दो माह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हर्जाने की राशि जमा नहीं करने पर इसे राजस्व की तरह वसूला जाए।
अभ्यर्थी लक्ष्मीदेवी की याचिका यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने दिया है। याची को अध्यापक भर्ती परीक्षा में 58 अंक मिले थे। उसने पुनर्मूल्यांकन की मांग की। पुनर्मूल्यांकन के बाद भी उसे प्राप्त अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ। परीक्षा नियामक प्राधिकारी के वकील जितेंद्र कुमार सिंह ने रिपोर्ट पेश की। याची को स्कैन कॉपी दी गई। उसने आरोप लगाया कि स्कैन कॉपी में हर पेज पर बारकोड अलग-अलग दर्ज है, जिस पर कोर्ट ने उत्तर पुस्तिका की मूल प्रति मंगाई। रजिस्ट्रार जनरल को मूल प्रति की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। जांच में बारकोड हर पेज पर एक समान पाया गया। रजिस्ट्रार जनरल की इस रिपोर्ट के बावजूद याची इसे मानने को तैयार नहीं हुई। खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद भी याची ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह स्वयं कॉपी की जांच करें, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जतातेे हुए हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी।
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