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नैनी में पकड़ी गई 210 क्विंटल खेसारी, सीज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:00 AM IST
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दाल
- फोटो : अमर उजाला
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अरहर की दाल तथा अन्य खाद्य उत्पादों में जानलेवा बीमारी बांटने वाली खेसारी की मिलावट अब भी जारी है। नैनी में मामा-भांजा पुलिस चौकी के पास बृहस्पतिवार को ट्रक पर लदी 210 क्विंटल खेसारी पकड़ी गई। उसे इलाहाबाद में ही खपाने के लिए लाया गया था। पूरी खेसारी सीज करके थाने में रखी गई है।
प्रशासन के अफसरों को मामा-भांजा बाजार में संदिग्ध ट्रक होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम इतनी बड़ी मात्रा में खेसारी देखकर हतप्रभ रह गई। ट्रक में खेसारी से भरी 420 बोरियां लदी मिलीं, जबकि इसकी बिक्री, प्रदर्शन तथा किसी भी रूप में इसका उपयोग प्रतिबंधित है। अभिहित अधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खेसारी मध्य प्रदेश से लाई जा रही थी। उनका कहना है कि उसे यहीं उतारा जाना था। हालांकि, ड्राइवर के पास से फर्जी बिल मिला है, जो बिहार का है। उन्होंने बताया कि नमूना लेने के बाद पूरी खेसारी सीज कर दी गई है। टीम में डॉ. शैलेंद्र के अलावा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सच्चिदानंद राय, नरेंद्र यादव, देवेश, हेमलता गोस्वामी, सत्येंद्र यादव, अंजनी पांडेय शामिल रहे।
खेसारी का उपयोग अरहर एवं मटर की दाल, बेसन आदि में मिलावट के रूप में होता है। इसके खाने से लकवा, मानसिक विकलांगता, आंख की रोशनी खत्म होने आदि बीमारियों का खतरा होता है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि इसकी वजह से किसी भी रूप में इसका उपयोग तथा बिक्री प्रतिबंधित है।
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प्रशासन के अफसरों को मामा-भांजा बाजार में संदिग्ध ट्रक होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम इतनी बड़ी मात्रा में खेसारी देखकर हतप्रभ रह गई। ट्रक में खेसारी से भरी 420 बोरियां लदी मिलीं, जबकि इसकी बिक्री, प्रदर्शन तथा किसी भी रूप में इसका उपयोग प्रतिबंधित है। अभिहित अधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खेसारी मध्य प्रदेश से लाई जा रही थी। उनका कहना है कि उसे यहीं उतारा जाना था। हालांकि, ड्राइवर के पास से फर्जी बिल मिला है, जो बिहार का है। उन्होंने बताया कि नमूना लेने के बाद पूरी खेसारी सीज कर दी गई है। टीम में डॉ. शैलेंद्र के अलावा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सच्चिदानंद राय, नरेंद्र यादव, देवेश, हेमलता गोस्वामी, सत्येंद्र यादव, अंजनी पांडेय शामिल रहे।
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खेसारी का उपयोग अरहर एवं मटर की दाल, बेसन आदि में मिलावट के रूप में होता है। इसके खाने से लकवा, मानसिक विकलांगता, आंख की रोशनी खत्म होने आदि बीमारियों का खतरा होता है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि इसकी वजह से किसी भी रूप में इसका उपयोग तथा बिक्री प्रतिबंधित है।
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