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कुंभ में आईबीएम की मदद से रेलवे संभालेगा क्राउंड मैनेजमेंट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Thu, 25 Oct 2018 08:16 PM IST
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पिछले कुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ की पुनरावृत्ति इस बार कुंभ मेले में न हो इसके लिए रेलवे क्राउड मैनेजमेंट के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करेगा। इसके लिए आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कॉरपोरेशन) की मदद ली जाएगी।
आईबीएम की उन्नत तकनीक के जरिए रेलवे अफसरों को हर पल भीड़ का डाटा उपलब्ध होता रहेगा। इस दौरान अगर किसी स्थान पर भीड़ ज्यादा बढ़ती है तो अफसरों तक ऑटो जनरेटेड वार्निंग मैसैज तुरंत पहुंच जाएगा। ताकि समय रहते भीड़ नियंत्रित करने के प्रभावी कदम उठाए जा सके। मेला के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 33 लाख यात्रियों का ट्रेन से सफर करने का अनुमान रेलवे ने लगाया है।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) मुख्यालय में रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में जीएम एनसीआर ने बताया कि इस बार क्राउड मैनेजमेंट के लिए रेलवे आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है। आईबीएम की मदद से उन्नत एनेलिटिक्स, कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग किया जाएगा। जीएम ने कुंभ के दौरान आने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए चलाए जाने वाली ट्रेनों का भी ब्यौरा दिया।
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हा कि मेला अवधि में एसी टू कोच वाली पांच ट्रेनें प्रवासी भारतीयों के लिए चलाई जाएंगी। इसके पूर्व सदस्य रोलिंग स्टाक ने जंक्शन का निरीक्षण कर एनसीआर मुख्यालय में अफसरों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों की समीक्षा की। बता दें कि आईबीएम दुनिया की एक बड़ी हार्डवेयर और साफ्टवेयर अमेरिकन कंपनी है।
मेले के दौरान नहीं चलेंगी मालगाड़ियां, रूटीन ट्रेनें भी होंगी डायवर्ट
कुंभ मेले के दौरान पड़ने वाले सभी स्नान पर्वों के दौरान कुल 800 स्पेशल ट्रेनें रेलवे द्वारा चलाई जाएंगी। इस दौरान कोयला लदी मालगाड़ियों के अलावा अन्य मालगाड़ियां बदले हुए रास्ते से चलाई जाएंगी। संबंधित रूट की कुछ यात्री ट्रेनों को भी मेला अवधि में डायवर्ट किए जाने की तैयारी रेलवे ने की है। मेले के दौरान रेलवे ने अपनी खाली पड़ी जमीनों पर सामुदायिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को दिया है। जमीन देने की एवज में राज्य सरकार से कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
स्पेशल ट्रेन के रूप में मेमो का ज्यादा होगा उपयोग
0 रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल के मुताबिक कुंभ अवधि में स्पेशल ट्रेन के रूप में ज्यादा से ज्यादा मेमो का ही उपयोग किया जाएगा। एक रैक में दो से ढाई हजार यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। कानपुर में मेमो का शेड बनाया जा रहा है। इसके बनते ही वर्ष 2019 में एनसीआर जोन में पैसेंजर ट्रेनों की बजाय सिर्फ मेमो ट्रेन ही चलेगी। इसके अलावा सभी स्पेशल ट्रेनों से कुंभ की ब्रांडिंग भी की जाएगी।
कुंभ के दौरान रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का रास्ता रहेगा अलग
0 अगले वर्ष लगने वाले कुंभ मेले के दौरान सिर्फ स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को ही जंक्शन परिसर में बनाए जा रहे चार अस्थायी बाड़े में भेजा जाएगा। यात्री बाड़ा भी रूट वार बनाए जा रहे हैं। इस दौरान नियमित ट्रेनों में सफर करने वाले ऐसे यात्री जिनका रिजर्वेशन संबंधित ट्रेनों में रहेगा, उनके प्रवेश का रास्ता मुख्य हॉल से ही रहेगा। ऐसे यात्रियों को यात्री बाड़ा नहीं भेजा जाएगा। जीएम एनसीआर के मुताबिक कुंभ से जुड़े एनसीआर के 17 काम पूरे हो चुके हैं। 700 करोड़ की लागत वाले 46 अन्य काम नवंबर 2018 तक पूरे हो जाएंगे।
शहर के नौ स्टेशनों में रहेंगे 386 कैमरे
0 कुंभ के दौरान यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से शहर के नौ स्टेशनों पर कुल 386 सीसीटीवी कैमरों की नजर रहेगी। सर्वाधिक 107 सीसीटीवी कैमरे इलाहाबाद जंक्शन पर रहेंगे। 56 कैमरे यहां पहले से ही काम कर रहे हैं। 51 को जल्द ही यहां लगा दिया जाएगा। इसके अलावा नैनी में 47, छिवकी में 44, इलाहाबाद सिटी में 60, दारागंज में 25, झूंसी में 45, प्रयाग में 46, प्रयागघाट में 24 एवं फाफामऊ में कुल आठ सीसीटीवी कैमरे रहेंगे।
मेला अवधि में पड़ने वाले छह प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 33 लाख श्रद्धालुओं के ट्रेन से सफर करने का अनुमान लगाया गया है। इसमें 5.23 लाख मकर संक्रांति को, 3.75 लाख पौष पूर्णिमा, 8.90 लाख मौनी अमावस्या, 5.40 लाख बसंत पंचमी, 5.23 लाख माघी पूर्णिमा एवं 4.46 लाख यात्री महाशिवरात्रि के मौके पर ट्रेनों से सफर कर सकते हैं।
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आईबीएम की उन्नत तकनीक के जरिए रेलवे अफसरों को हर पल भीड़ का डाटा उपलब्ध होता रहेगा। इस दौरान अगर किसी स्थान पर भीड़ ज्यादा बढ़ती है तो अफसरों तक ऑटो जनरेटेड वार्निंग मैसैज तुरंत पहुंच जाएगा। ताकि समय रहते भीड़ नियंत्रित करने के प्रभावी कदम उठाए जा सके। मेला के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 33 लाख यात्रियों का ट्रेन से सफर करने का अनुमान रेलवे ने लगाया है।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) मुख्यालय में रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में जीएम एनसीआर ने बताया कि इस बार क्राउड मैनेजमेंट के लिए रेलवे आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है। आईबीएम की मदद से उन्नत एनेलिटिक्स, कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग किया जाएगा। जीएम ने कुंभ के दौरान आने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए चलाए जाने वाली ट्रेनों का भी ब्यौरा दिया।
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हा कि मेला अवधि में एसी टू कोच वाली पांच ट्रेनें प्रवासी भारतीयों के लिए चलाई जाएंगी। इसके पूर्व सदस्य रोलिंग स्टाक ने जंक्शन का निरीक्षण कर एनसीआर मुख्यालय में अफसरों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों की समीक्षा की। बता दें कि आईबीएम दुनिया की एक बड़ी हार्डवेयर और साफ्टवेयर अमेरिकन कंपनी है।
मेले के दौरान नहीं चलेंगी मालगाड़ियां, रूटीन ट्रेनें भी होंगी डायवर्ट
कुंभ मेले के दौरान पड़ने वाले सभी स्नान पर्वों के दौरान कुल 800 स्पेशल ट्रेनें रेलवे द्वारा चलाई जाएंगी। इस दौरान कोयला लदी मालगाड़ियों के अलावा अन्य मालगाड़ियां बदले हुए रास्ते से चलाई जाएंगी। संबंधित रूट की कुछ यात्री ट्रेनों को भी मेला अवधि में डायवर्ट किए जाने की तैयारी रेलवे ने की है। मेले के दौरान रेलवे ने अपनी खाली पड़ी जमीनों पर सामुदायिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को दिया है। जमीन देने की एवज में राज्य सरकार से कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
स्पेशल ट्रेन के रूप में मेमो का ज्यादा होगा उपयोग
0 रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल के मुताबिक कुंभ अवधि में स्पेशल ट्रेन के रूप में ज्यादा से ज्यादा मेमो का ही उपयोग किया जाएगा। एक रैक में दो से ढाई हजार यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। कानपुर में मेमो का शेड बनाया जा रहा है। इसके बनते ही वर्ष 2019 में एनसीआर जोन में पैसेंजर ट्रेनों की बजाय सिर्फ मेमो ट्रेन ही चलेगी। इसके अलावा सभी स्पेशल ट्रेनों से कुंभ की ब्रांडिंग भी की जाएगी।
कुंभ के दौरान रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का रास्ता रहेगा अलग
0 अगले वर्ष लगने वाले कुंभ मेले के दौरान सिर्फ स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को ही जंक्शन परिसर में बनाए जा रहे चार अस्थायी बाड़े में भेजा जाएगा। यात्री बाड़ा भी रूट वार बनाए जा रहे हैं। इस दौरान नियमित ट्रेनों में सफर करने वाले ऐसे यात्री जिनका रिजर्वेशन संबंधित ट्रेनों में रहेगा, उनके प्रवेश का रास्ता मुख्य हॉल से ही रहेगा। ऐसे यात्रियों को यात्री बाड़ा नहीं भेजा जाएगा। जीएम एनसीआर के मुताबिक कुंभ से जुड़े एनसीआर के 17 काम पूरे हो चुके हैं। 700 करोड़ की लागत वाले 46 अन्य काम नवंबर 2018 तक पूरे हो जाएंगे।
शहर के नौ स्टेशनों में रहेंगे 386 कैमरे
0 कुंभ के दौरान यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से शहर के नौ स्टेशनों पर कुल 386 सीसीटीवी कैमरों की नजर रहेगी। सर्वाधिक 107 सीसीटीवी कैमरे इलाहाबाद जंक्शन पर रहेंगे। 56 कैमरे यहां पहले से ही काम कर रहे हैं। 51 को जल्द ही यहां लगा दिया जाएगा। इसके अलावा नैनी में 47, छिवकी में 44, इलाहाबाद सिटी में 60, दारागंज में 25, झूंसी में 45, प्रयाग में 46, प्रयागघाट में 24 एवं फाफामऊ में कुल आठ सीसीटीवी कैमरे रहेंगे।
मेला अवधि में पड़ने वाले छह प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 33 लाख श्रद्धालुओं के ट्रेन से सफर करने का अनुमान लगाया गया है। इसमें 5.23 लाख मकर संक्रांति को, 3.75 लाख पौष पूर्णिमा, 8.90 लाख मौनी अमावस्या, 5.40 लाख बसंत पंचमी, 5.23 लाख माघी पूर्णिमा एवं 4.46 लाख यात्री महाशिवरात्रि के मौके पर ट्रेनों से सफर कर सकते हैं।