फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   एचआरए के जाल में उलझे कर्मचारी

एचआरए के जाल में उलझे कर्मचारी

Sun, 09 Jul 2017 07:59 PM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 07:59 PM IST
विज्ञापन
एचआरए के जाल में उलझे कर्मचारी
डीए की आड़ में एचआरए का झटका
विज्ञापन

0 नए स्लैब में पहुंचने के लिए चार साल तक करना पड़ सकता है इंतजार
0 सातवें वेतन आयोग में डीए निर्धारण का फार्मूला बदलने से हुआ नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। केंद्रीय कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता (एचआरए) के नाम पर तगड़ा झटका लगा है। सरकार ने महंगाई भत्ता (डीए) 25 फीसदी होने पर स्लैब बढ़ाने को कहा है। इस हिसाब से कर्मचारियों को एचआरए में बढ़ोतरी के लिए कम से कम चार साल तक इंतजार करना पड़ सकता है जबकि बड़े शहरों और महानगरों में मकान का किराया हर साल बढ़ जाता है। ज्यादातर मामलों में मकान मालिक और किरायेदार के बीच 11 माह का अनुबंध होता है और समय बीतने के बाद नए अनुबंध से पहले किराया बढ़ा दिया जाता है।

सरकार ने जेड श्रेणी के शहरों के लिए आठ फीसदी, वाई श्रेणी के लिए 16 और एक्स श्रेणी के लिए 24 फीसदी एचआरए निर्धारित किया है। डीए 25 फीसदी पहुंचने पर एचआरए का स्लैब क्रमश: 9, 18 एवं 27 फीसदी और 50 फीसदी डीए पर एचआरए बढ़कर क्रमश: 10, 20 एवं 30 फीसदी हो जाएगा। सातवें वेतन आयोग में सरकार डीए निर्धारण के फार्मूले में संशोधन कर चुकी है। सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद जुलाई 2016 और जनवरी 2017 में डीए दो-दो फीसदी बढ़ा। अगर छठवें वेतन आयोग के तहत पुराने फार्मूले पर डीए का निर्धारण होता तो यह बढ़ोतरी न्यूनतम पांच से छह फीसदी होती। वर्षों से डीए निर्धारण का सटीक आंकलन कर रहे सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी का कहना है कि सातवें वेतन आयोग के तहत जो स्थिति है, उससे यही लगता है कि आने वाले समय में भी डीए बढ़ोतरी दो से तीन फीसदी तक सीमित रह जाने की संभावना है। वर्तमान में कर्मचारियों को चार फीसदी डीए मिल रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो डीए 25 फीसदी तक होने ने चार साल का समय लग जाएगा और 50 फीसदी के लिए कर्मचारियों को आठ वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में एचआरए के अगले स्लैब में पहुंचने के लिए भी इतना ही इंतजार करना होगा जबकि मकानों का किराया हर साल बढ़ रहा है। इससे कर्मचारियों को नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed