फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   नेताओं के बिगड़े बोल पर रोक लगाने को याचिका खारिज

नेताओं के बिगड़े बोल पर रोक लगाने को याचिका खारिज

Tue, 14 May 2019 09:35 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2019 09:35 PM IST
विज्ञापन
नेताओं के बिगड़े बोल पर रोक लगाने को याचिका खारिज
सभी केंद्र
विज्ञापन

0000000000000000

नेताओं बिगड़े बोल पर रोक लगाने के लिए याचिका खारिज
0 हाईकोर्ट ने याची पर लगाया 50 हजार रुपये का हर्जाना
0 वादे पूरा नहीं करने पर भाजपा पर कार्रवाई की थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। लोकसभा चुनाव में नेताओं के बेलगाम भाषणों पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि चुनावी वादे न निभा पाने वाली भारतीय जनता पार्टी पर आपराधिक कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची चाहे तो नेताओं के भाषणों की शिकायत उचित फोरम पर कर सकता है।
अलीगढ़ के खुर्शीर्दुरमान की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए दाखिल की जाती हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट अपनी शक्तियों का प्रयोग इस प्रकार की याचिकाओं पर नहीं कर सकती है। ऐसी व्यर्थ की याचिकाओं को भारी हर्जाना लगाकर खारिज करना चाहिए, ताकि फिजूल की याचिकाएं दाखिल करने वाले लोग हतोत्साहित हों।
विज्ञापन

कोर्ट ने याची को निर्देश दिया कि हर्जाने की राशि एक माह के भीतर एडवोकेट्स एसोसिएशन के खाते में अधिवक्ता कल्याण हेतु जमा करा दी जाए। याचिका में कहा गया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने लोगों से तमाम चुनावी वादे किए थे। इनको पूरा नहीं किया और जनता को गुमराह किया। इसके लिए पार्टी पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। याचिका में भारत के राष्ट्रपति, मुख्य चुनाव आयुक्त और एसएसपी अलीगढ़ को पक्षकार बनाया गया था। चुनाव आयोग के अधिवक्ता बीएन सिंह का कहना था कि वादा पूरा न करने पर किसी पार्टी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती है। लोकतंत्र में यह जनता को तय करना है कि किसने वादा पूरा किया या नहीं और किसे वोट देना है किसे नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed