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‘आंसर की’ जांच के नाम पर 52 लाख वसूले
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:28 AM IST
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‘आंसर की’ पर आपत्ति के नाम पर 52 लाख वसूले
0 सीजीएल-2017 के संबंध में आरटीआई के तहत एसएससी से मांगी गई जानकारी में खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
‘आंसर की’ के प्रश्नों पर आपत्ति करने के लिए कर्मचारी चयन आयोग छात्रों से रिप्रेजेंटेशन शुल्क लेता है। आरटीआई के तहत आयोग से मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ है कि सीजीएल-2017 परीक्षा के मामले में रिप्रजेंटेशन शुल्क के नाम पर 52 लाख रुपये परीक्षार्थियों से लिए गए। छात्रों का कहना है कि आवेदन में पहले ही मोटी रकम ले ली जाती है। आंसर-की पर आपत्ति के नाम पर भी आयोग वसूली कर रहा है।
परीक्षार्थियों का कहना है कि एसएससी ‘आंसर की’ जारी करने के बाद परीक्षार्थियों से आपत्ति मांगता है। परीक्षार्थियों को प्रति प्रश्न 100 रुपये रिप्रेजेंटेशन शुल्क देना पड़ता है। अब परीक्षार्थियों ने सवाल उठाया है कि जब एसएससी की एक्सपर्ट कमेटी प्रश्न तैयार करती है और उसके उत्तर जारी करती है तो फिर उसकी गलतियों के लिए बेरोजगारों से रुपये की वसूली क्यों? उनका आरोप है कि ऐसी व्यवस्था करके एसएससी उनको आपत्ति करने से रोक रहा है।
एसएससी परीक्षाओं में स्केल्ड मार्क लागू करने की मांग
0 कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ऑनलाइन परीक्षाओं के कई चरण होने के कारण परीक्षार्थियों को भेदभाव का शिकार होना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि अलग-अलग चरण में प्रश्नपत्र का स्तर भी बदला होता है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वालों को परेशानी होती है। परीक्षार्थियों ने एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में स्केलिंग लागू करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि सीजीएल 2017 टियर-1 परीक्षा 43 चरणों में हुई, हर दिन परीक्षा में अलग-अलग प्रश्नपत्र आए। ऐसे में मेरिट पर असर पड़ता है। परीक्षार्थियों ने एसएससी की परीक्षाओं में औसत अंक की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
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0 सीजीएल-2017 के संबंध में आरटीआई के तहत एसएससी से मांगी गई जानकारी में खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
‘आंसर की’ के प्रश्नों पर आपत्ति करने के लिए कर्मचारी चयन आयोग छात्रों से रिप्रेजेंटेशन शुल्क लेता है। आरटीआई के तहत आयोग से मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ है कि सीजीएल-2017 परीक्षा के मामले में रिप्रजेंटेशन शुल्क के नाम पर 52 लाख रुपये परीक्षार्थियों से लिए गए। छात्रों का कहना है कि आवेदन में पहले ही मोटी रकम ले ली जाती है। आंसर-की पर आपत्ति के नाम पर भी आयोग वसूली कर रहा है।
परीक्षार्थियों का कहना है कि एसएससी ‘आंसर की’ जारी करने के बाद परीक्षार्थियों से आपत्ति मांगता है। परीक्षार्थियों को प्रति प्रश्न 100 रुपये रिप्रेजेंटेशन शुल्क देना पड़ता है। अब परीक्षार्थियों ने सवाल उठाया है कि जब एसएससी की एक्सपर्ट कमेटी प्रश्न तैयार करती है और उसके उत्तर जारी करती है तो फिर उसकी गलतियों के लिए बेरोजगारों से रुपये की वसूली क्यों? उनका आरोप है कि ऐसी व्यवस्था करके एसएससी उनको आपत्ति करने से रोक रहा है।
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एसएससी परीक्षाओं में स्केल्ड मार्क लागू करने की मांग
0 कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ऑनलाइन परीक्षाओं के कई चरण होने के कारण परीक्षार्थियों को भेदभाव का शिकार होना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि अलग-अलग चरण में प्रश्नपत्र का स्तर भी बदला होता है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वालों को परेशानी होती है। परीक्षार्थियों ने एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में स्केलिंग लागू करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि सीजीएल 2017 टियर-1 परीक्षा 43 चरणों में हुई, हर दिन परीक्षा में अलग-अलग प्रश्नपत्र आए। ऐसे में मेरिट पर असर पड़ता है। परीक्षार्थियों ने एसएससी की परीक्षाओं में औसत अंक की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
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