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स्टेयरिंग की पिन टूटने से सूखी नहर में पलटी खटारा स्कूल बस
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शीशगढ़ (बरेली)। क्षेत्र के गांव मानपुर के स्कूल की करीब 50 बच्चों से भरी खटारा बस स्टेयरिंग की पिन टूटने से सूखी नहर में पलट गई। बस में सवार बच्चों में चीखपुकार मच गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा बच गया और छह बच्चों को मामूली चोटें आईं। पुलिस इसे रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र का मामला बताकर पल्ला झाड़ रही है तो स्कूल प्रबंधन भी सामान्य बात बता रहा है।
गांव मानपुर में एनडी एकेडमी की बस समीपवर्ती खजुरिया के गांव पनवड़िया, खजुरिया, गौंटिया आदि से छात्र-छात्राओं को लेकर बुधवार सुबह सात बजे स्कूल ला रही थी। इसमें करीब 50 बच्चे थे। बस पनवड़िया का ड्राइवर रामदास चला रहा था। ढकिया-मोहम्मदपुर मार्ग पर जैसे ही बस थाना खजुरिया के गांव नरसुआ के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर दाहिनी ओर सूखी नहर में पलट गई। हादसा स्टेयरिंग की पिन टूटने से बताया गया। बस में सवार बच्चों में चीखपुकार मच गई। सबसे पहले ड्राइवर ने अपने सामने का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालना शुरू किया। शोर पर आसपास के ग्रामीणों ने छात्रों को बस से निकाला। इसमें पनवड़िया का अभय और उमांशु गंगवार, खजुरिया का शोभित, अंकुश और परी को मामूली चोट आईं। उमांशु के दाहिने पैर में फ्रैक्चर की आशंका पर परिवार उसे बरेली के निजी अस्पताल ले गया। सूचना पर पहुंचे अभिभावक बच्चों को घर ले गए। बच्चे सहमे हुए थे। बस स्कूल प्रबंधन की ही बताई जा रही है जो काफी पुरानी है।
‘ड्राइवर अंकल ने पहले ही बताई थी गड़बड़ी’
बरेली के अस्पताल में इलाज कराने आए उपांशु गंगवार ने बताया कि बस लगभग एक किमी दूर से ही गड़बड़ चल रही थी। उपांशु के मुताबिक ड्राइवर अंकल ने बताया कि स्टेयरिंग की पिन टूट रही है। इसकी उन्होंने फोन पर स्कूल में किसी को जानकारी दी थी लेकिन उधर से धीरे-धीरे बस को स्कूल तक लाने को बोला गया। थोड़ी देर में बस पलट गई। उसका पैर सीट में फंस गया था जिसे ड्राइवर अंकल ने निकाला। उसके पिता पप्पू ने बताया कि क्षेत्र में कोई अच्छा स्कूल नहीं होने पर अपने बच्चों को खटारा बसों में स्कूल भेजना मजबूरी है। तीन सौ रुपये प्रतिमाह वाहन फीस ली जाती है। फीस बढ़ा ली जाए पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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शुक्र है नहर में पानी नहीं था
गनीमत रही कि बस पलटकर जिस नहर में गिरी, वह इन दिनों सूखी हुई है। अगर पानी चल रहा ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों ने बच्चों के सही सलामत होने पर भगवान का शुक्र जताया।
प्रबंधक बोले- पलटी नहीं थी बस
स्कूल प्रबंधक डॉ. धर्म सिंह ने बताया कि बस पलटने की बात सही नहीं है। बस की कमानी के पट्टा टूटने से बस नहर में टिक गई थी। किसी बच्चे को चोट नहीं आई है। सभी को घर भेज दिया गया।
एसओ ने पल्ला झाड़ा, सीओ बोले- जांच कराएंगे
एसओ शीशगढ़ श्याम सिंह ने घटना अपने क्षेत्र में नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इंसपेक्टर खजुरिया ने घटना की जानकारी से इनकार कर दिया। बहेड़ी सीओ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि खटारा बसों को स्कूल वाहन में इस्तेमाल न करने को लेकर साफ गाइड लाइन है। अगर मानक के अनुसार संचालन नहीं किया जा रहा तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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गांव मानपुर में एनडी एकेडमी की बस समीपवर्ती खजुरिया के गांव पनवड़िया, खजुरिया, गौंटिया आदि से छात्र-छात्राओं को लेकर बुधवार सुबह सात बजे स्कूल ला रही थी। इसमें करीब 50 बच्चे थे। बस पनवड़िया का ड्राइवर रामदास चला रहा था। ढकिया-मोहम्मदपुर मार्ग पर जैसे ही बस थाना खजुरिया के गांव नरसुआ के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर दाहिनी ओर सूखी नहर में पलट गई। हादसा स्टेयरिंग की पिन टूटने से बताया गया। बस में सवार बच्चों में चीखपुकार मच गई। सबसे पहले ड्राइवर ने अपने सामने का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालना शुरू किया। शोर पर आसपास के ग्रामीणों ने छात्रों को बस से निकाला। इसमें पनवड़िया का अभय और उमांशु गंगवार, खजुरिया का शोभित, अंकुश और परी को मामूली चोट आईं। उमांशु के दाहिने पैर में फ्रैक्चर की आशंका पर परिवार उसे बरेली के निजी अस्पताल ले गया। सूचना पर पहुंचे अभिभावक बच्चों को घर ले गए। बच्चे सहमे हुए थे। बस स्कूल प्रबंधन की ही बताई जा रही है जो काफी पुरानी है।
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‘ड्राइवर अंकल ने पहले ही बताई थी गड़बड़ी’
बरेली के अस्पताल में इलाज कराने आए उपांशु गंगवार ने बताया कि बस लगभग एक किमी दूर से ही गड़बड़ चल रही थी। उपांशु के मुताबिक ड्राइवर अंकल ने बताया कि स्टेयरिंग की पिन टूट रही है। इसकी उन्होंने फोन पर स्कूल में किसी को जानकारी दी थी लेकिन उधर से धीरे-धीरे बस को स्कूल तक लाने को बोला गया। थोड़ी देर में बस पलट गई। उसका पैर सीट में फंस गया था जिसे ड्राइवर अंकल ने निकाला। उसके पिता पप्पू ने बताया कि क्षेत्र में कोई अच्छा स्कूल नहीं होने पर अपने बच्चों को खटारा बसों में स्कूल भेजना मजबूरी है। तीन सौ रुपये प्रतिमाह वाहन फीस ली जाती है। फीस बढ़ा ली जाए पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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शुक्र है नहर में पानी नहीं था
गनीमत रही कि बस पलटकर जिस नहर में गिरी, वह इन दिनों सूखी हुई है। अगर पानी चल रहा ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों ने बच्चों के सही सलामत होने पर भगवान का शुक्र जताया।
प्रबंधक बोले- पलटी नहीं थी बस
स्कूल प्रबंधक डॉ. धर्म सिंह ने बताया कि बस पलटने की बात सही नहीं है। बस की कमानी के पट्टा टूटने से बस नहर में टिक गई थी। किसी बच्चे को चोट नहीं आई है। सभी को घर भेज दिया गया।
एसओ ने पल्ला झाड़ा, सीओ बोले- जांच कराएंगे
एसओ शीशगढ़ श्याम सिंह ने घटना अपने क्षेत्र में नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इंसपेक्टर खजुरिया ने घटना की जानकारी से इनकार कर दिया। बहेड़ी सीओ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि खटारा बसों को स्कूल वाहन में इस्तेमाल न करने को लेकर साफ गाइड लाइन है। अगर मानक के अनुसार संचालन नहीं किया जा रहा तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।