{"_id":"5a09bfd94f1c1bf4688bb040","slug":"171510588377-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या-फैजाबाद में नहीं बनेगी मस्जिद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या-फैजाबाद में नहीं बनेगी मस्जिद
Updated Mon, 13 Nov 2017 09:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या, फैजाबाद में नहीं बनाएंगे मस्जिद
0 शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने माना अखाड़ा परिषद का प्रस्ताव
0 कहा, पूरे देश में बाबर के नाम पर भी नहीं बनेगी कोई मस्जिद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिज़वी ने साफ तौर पर कहा कि वह अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि के एवज में अयोध्या और फैजाबाद में कहीं भी कोई मस्जिद नहीं बनाएंगे। इसी तरह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाबरी मस्जिद नाम से देश में कहीं भी कोई भी मस्जिद नहीं बनाई जाएगी। इस आशय की घोषणा उन्होंने मठ बाघंबरी गद्दी मेंअखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के साथ बातचीत के बाद की।
कहा, अब अयोध्या में निर्वाणी अनी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास और दिगंबर अनी अखाड़े के श्रीमहंत सुरेश दास सहित अन्य पक्षकारों के हस्ताक्षर के बाद हलफनामे को पांच दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। मुद्दे के समाधान के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड सहित किसी भी विचारधारा, समुदाय का स्वागत है लेकिन ऋणात्मक सोच के साथ नहीं। अब इस मामले को और नहीं उलझाया जाना चाहिए।
वहीं महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, शिया वक्फ बोर्ड की पहल स्वागतयोग्य है। अब नए प्रस्ताव के मुताबिक अदालत के फैसले के बाद मंदिर निर्माण की पहल की जाएगी। इस बारे में विश्व हिन्दू परिषद के साथ मिलकर सभी संत महात्मा मंदिर निर्माण की नीति तय करेंगे। आरंभ में मठ पहुंचने पर वहां की परंपरा के अनुरूप शाल और पुष्पगुच्छ देकर सैयद वसीम रिजवी का स्वागत किया गया। बता दें, शिया वक्फ बोर्ड पहले ही राम मंदिर निर्माण के लिए उक्त भूमि पर से अपना दावा छोड़ चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने माना अखाड़ा परिषद का प्रस्ताव
0 कहा, पूरे देश में बाबर के नाम पर भी नहीं बनेगी कोई मस्जिद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिज़वी ने साफ तौर पर कहा कि वह अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि के एवज में अयोध्या और फैजाबाद में कहीं भी कोई मस्जिद नहीं बनाएंगे। इसी तरह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाबरी मस्जिद नाम से देश में कहीं भी कोई भी मस्जिद नहीं बनाई जाएगी। इस आशय की घोषणा उन्होंने मठ बाघंबरी गद्दी मेंअखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के साथ बातचीत के बाद की।
कहा, अब अयोध्या में निर्वाणी अनी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास और दिगंबर अनी अखाड़े के श्रीमहंत सुरेश दास सहित अन्य पक्षकारों के हस्ताक्षर के बाद हलफनामे को पांच दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। मुद्दे के समाधान के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड सहित किसी भी विचारधारा, समुदाय का स्वागत है लेकिन ऋणात्मक सोच के साथ नहीं। अब इस मामले को और नहीं उलझाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
वहीं महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, शिया वक्फ बोर्ड की पहल स्वागतयोग्य है। अब नए प्रस्ताव के मुताबिक अदालत के फैसले के बाद मंदिर निर्माण की पहल की जाएगी। इस बारे में विश्व हिन्दू परिषद के साथ मिलकर सभी संत महात्मा मंदिर निर्माण की नीति तय करेंगे। आरंभ में मठ पहुंचने पर वहां की परंपरा के अनुरूप शाल और पुष्पगुच्छ देकर सैयद वसीम रिजवी का स्वागत किया गया। बता दें, शिया वक्फ बोर्ड पहले ही राम मंदिर निर्माण के लिए उक्त भूमि पर से अपना दावा छोड़ चुका है।
विज्ञापन