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संगम से अलग होगी लिंक एक्सप्रेस -Meerut
Updated Sat, 28 Oct 2017 02:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/इलाहाबाद।
पिछले ग्यारह महीने से लेट चल रही संगम एक्सप्रेस को राइट टाइम करने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे ने मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम एक्सप्रेस से अलीगढ़ में जुड़ने वाली देहरादून वाले लिंक को अलग करने की कवायद शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इलाहाबाद मंडल ने संगम/लिंक एक्सप्रेस को अलग-अलग समय पर रवाना करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। बताया जा रहा है कि बोर्ड द्वारा यह प्रस्ताव जल्द ही स्वीकार भी कर लिया जाएगा।
मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम एक्सप्रेस में देहरादून से इलाहाबाद जाने वाली लिंक एक्सप्रेस को अलीगढ़ में जोड़ा जाता है। इसी तरह इलाहाबाद से मेरठ आने वाली संगम एक्सप्रेस से वापसी में इस लिंक को अलीगढ़ में ही काटकर अलग किया जाता है। लिंक एक्सप्रेस अलीगढ़ से वाया चंदौसी, मुरादाबाद, लक्सर के रास्ते देहरादून जाती है। अक्सर देखा गया है कि कभी देहरादून से लिंक एक्सप्रेस तो कभी मेरठ और इलाहाबाद से संगम एक्सप्रेस अलीगढ़ पहुंचने में लेट हो जाती है। इससे जब किसी भी ट्रेन का एक रैक अलीगढ़ पहुंच जाता है तो इसे दूसरे रैक का इंतजार करना पड़ता है। ऐेसे में मेरठ-इलाहाबाद आते-जाते ये ट्रेन काफी लेट हो जाती है। विलंब से आने की वजह से जंक्शन से संगम/लिंक एक्सप्रेस का अप-डाउन रैक समय से तैयार नहीं हो पाता।
इस समस्या को देखते हुए लंबे समय से मंथन चल रहा है कि दोनों ट्रेनें इलाहाबाद से एक साथ रवाना करने की बजाय अलग-अलग समय पर रवाना की जाए। इस व्यवस्था से इसकी लेटलतीफी पर काफी हद तक लगाम लगेगी। इस बारे में इलाहाबाद मंडल के डीआरएम एसके पंकज का कहना है कि दोनों ट्रेनों को अलग-अलग समय पर चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है बोर्ड यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेगा।
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वाजपेयी ने भी सुझाया था यह सुझाव
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी पिछले दिनों नवनियुक्त केंद्रीय रेल मंत्री से लेकर रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी को इस संबंध में पत्र भेजा था। वाजपेयी ने चेयरमैन से फोन पर बातचीत में बताया था कि संगम से लिंक खत्म करने पर भी समस्या का काफी हद तक निदान हो सकता है।
पिछले 11 महीने से चल रही लेट
संगम एक्सप्रेस पिछले ग्यारह महीने से लेट चल रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब यह ट्रेन इलाहाबाद से वापसी में सिटी स्टेशन पर चार से सात घंटे देरी से न पहुंचती हो। इस ट्रेन को राइट टाइम करने के लिए पांच बार रद किया जा चुका है।
खास बात
रेलवे बोर्ड को भेजा गया संगम/लिंक एक्सप्रेस को अलग-अलग समय पर चलाने का प्रस्ताव
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मेरठ/इलाहाबाद।
पिछले ग्यारह महीने से लेट चल रही संगम एक्सप्रेस को राइट टाइम करने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे ने मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम एक्सप्रेस से अलीगढ़ में जुड़ने वाली देहरादून वाले लिंक को अलग करने की कवायद शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इलाहाबाद मंडल ने संगम/लिंक एक्सप्रेस को अलग-अलग समय पर रवाना करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। बताया जा रहा है कि बोर्ड द्वारा यह प्रस्ताव जल्द ही स्वीकार भी कर लिया जाएगा।
मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम एक्सप्रेस में देहरादून से इलाहाबाद जाने वाली लिंक एक्सप्रेस को अलीगढ़ में जोड़ा जाता है। इसी तरह इलाहाबाद से मेरठ आने वाली संगम एक्सप्रेस से वापसी में इस लिंक को अलीगढ़ में ही काटकर अलग किया जाता है। लिंक एक्सप्रेस अलीगढ़ से वाया चंदौसी, मुरादाबाद, लक्सर के रास्ते देहरादून जाती है। अक्सर देखा गया है कि कभी देहरादून से लिंक एक्सप्रेस तो कभी मेरठ और इलाहाबाद से संगम एक्सप्रेस अलीगढ़ पहुंचने में लेट हो जाती है। इससे जब किसी भी ट्रेन का एक रैक अलीगढ़ पहुंच जाता है तो इसे दूसरे रैक का इंतजार करना पड़ता है। ऐेसे में मेरठ-इलाहाबाद आते-जाते ये ट्रेन काफी लेट हो जाती है। विलंब से आने की वजह से जंक्शन से संगम/लिंक एक्सप्रेस का अप-डाउन रैक समय से तैयार नहीं हो पाता।
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इस समस्या को देखते हुए लंबे समय से मंथन चल रहा है कि दोनों ट्रेनें इलाहाबाद से एक साथ रवाना करने की बजाय अलग-अलग समय पर रवाना की जाए। इस व्यवस्था से इसकी लेटलतीफी पर काफी हद तक लगाम लगेगी। इस बारे में इलाहाबाद मंडल के डीआरएम एसके पंकज का कहना है कि दोनों ट्रेनों को अलग-अलग समय पर चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है बोर्ड यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेगा।
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वाजपेयी ने भी सुझाया था यह सुझाव
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी पिछले दिनों नवनियुक्त केंद्रीय रेल मंत्री से लेकर रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी को इस संबंध में पत्र भेजा था। वाजपेयी ने चेयरमैन से फोन पर बातचीत में बताया था कि संगम से लिंक खत्म करने पर भी समस्या का काफी हद तक निदान हो सकता है।
पिछले 11 महीने से चल रही लेट
संगम एक्सप्रेस पिछले ग्यारह महीने से लेट चल रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब यह ट्रेन इलाहाबाद से वापसी में सिटी स्टेशन पर चार से सात घंटे देरी से न पहुंचती हो। इस ट्रेन को राइट टाइम करने के लिए पांच बार रद किया जा चुका है।
खास बात
रेलवे बोर्ड को भेजा गया संगम/लिंक एक्सप्रेस को अलग-अलग समय पर चलाने का प्रस्ताव