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Prayagraj News: महाकुंभ में हेलिकॉप्टर की सेवा देनी वाली कंपनी से वसूले 17 लाख
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प्रयागराज में लगे महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को हेलिकाॅप्टर से महाकुंभ नगरी का दर्शन करवाने वाली कंपनी पर राज्य वाणिज्य कर विभाग की टीम ने लंबा जुर्माना लगाया है। विभागीय टीम ने कंपनी पर टैक्स चोरी के आरोप के तमाम दस्तावेज के साथ नोटिस भेजा। खास बात यह है कि संबंधित कंपनी द्वारा 17 लाख का टैक्स अब जाकर जमा किया गया है।
दरअसल, महाकुंभ के दौरान एयरपोर्ट से श्रद्धालुओं को महाकुंभ नगरी का भ्रमण और संगम स्नान के लिए एक कंपनी द्वारा हेलिकॉप्टर सेवा मुहैया कराई थी। इसमें 1200 रुपये में संगम भ्रमण और एक अन्य सेवा के तहत एयरपोर्ट परिसर से हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं को बोट क्लब पर बने हेलीपैड पर उतारना था।
इस सेवा का 35 हजार रुपये किराया लिया जा रहा था। बाद में तमाम वीवीआईपी सुविधा के साथ यह रेट एक लाख रुपये तक पहुंच गया। महाकुंभ के दौरान ही इस कंपनी की राज्य वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर शक्ति प्रताप सिंह ने जांच शुरू की।
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ऑनलाइन दस्तावेज खंगाले तो पता चला कंपनी का पंजीकरण हरियाणा में है, लेकिन यूपी में नहीं है। तब कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वह यूपी में अपना पंजीकरण कराएं, लेकिन कंपनी ने यहां पंजीकरण नहीं कराया और तीन करोड़ से ज्यादा की कमाई महाकुंभ के दौरान की।
यह जानकारी एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन मुक्तिनाथ वर्मा और एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू दीनानाथ को दी गई। उनके निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर ने इको टूरिज्म बोर्ड और एयरपोर्ट अथॉरिटी से हेलिकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी के महाकुंभ के दौरान लगाए गए फेरों, यात्रियों की संख्या, किराया आदि की जानकारी ली।
पता चला कि कंपनी ने तीन करोड़ से ज्यादा की कमाई की, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया। कंपनी को नोटिस भेजा गया। ज्वाइंट कमिश्नर शक्ति प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी द्वारा 17 लाख रुपये जमा किए गए हैं।
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दरअसल, महाकुंभ के दौरान एयरपोर्ट से श्रद्धालुओं को महाकुंभ नगरी का भ्रमण और संगम स्नान के लिए एक कंपनी द्वारा हेलिकॉप्टर सेवा मुहैया कराई थी। इसमें 1200 रुपये में संगम भ्रमण और एक अन्य सेवा के तहत एयरपोर्ट परिसर से हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं को बोट क्लब पर बने हेलीपैड पर उतारना था।
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इस सेवा का 35 हजार रुपये किराया लिया जा रहा था। बाद में तमाम वीवीआईपी सुविधा के साथ यह रेट एक लाख रुपये तक पहुंच गया। महाकुंभ के दौरान ही इस कंपनी की राज्य वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर शक्ति प्रताप सिंह ने जांच शुरू की।
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ऑनलाइन दस्तावेज खंगाले तो पता चला कंपनी का पंजीकरण हरियाणा में है, लेकिन यूपी में नहीं है। तब कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वह यूपी में अपना पंजीकरण कराएं, लेकिन कंपनी ने यहां पंजीकरण नहीं कराया और तीन करोड़ से ज्यादा की कमाई महाकुंभ के दौरान की।
यह जानकारी एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन मुक्तिनाथ वर्मा और एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू दीनानाथ को दी गई। उनके निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर ने इको टूरिज्म बोर्ड और एयरपोर्ट अथॉरिटी से हेलिकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी के महाकुंभ के दौरान लगाए गए फेरों, यात्रियों की संख्या, किराया आदि की जानकारी ली।
पता चला कि कंपनी ने तीन करोड़ से ज्यादा की कमाई की, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया। कंपनी को नोटिस भेजा गया। ज्वाइंट कमिश्नर शक्ति प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी द्वारा 17 लाख रुपये जमा किए गए हैं।