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16 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:52 AM IST
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शिक्षक
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प्राथमिक विद्यालयों में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती में ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने मध्य प्रदेश के कॉलेज से दो वर्षीय डिप्लोमा इन एजूकेशन प्राप्त किया है। ऐसे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि याचीगण उनके आदेश की प्रति के साथ आवेदन करें और ऐसा आवेदन निरस्त न किया जाए, मगर उनकी नियुक्तियां अदालत के आदेश के बाद ही हो सकेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
धर्मेंद्र कुमार सिंह और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एमके गुप्ता सुनवाई कर रहे हैं। याची के वकील सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद ने 25 जून 2016 को सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में दो वर्षीय शिक्षा डिप्लोमा को न्यूनतम अर्हता में शामिल नहीं किया गया है। डिप्लोमा को एनसीटी से बीटीसी के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। याची ने बरकत उल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से डिग्री ली है। इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद भोपाल से मान्यता मिली है। एनसीटीई की गाइड लाइन पूरे देश में लागू है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने न्यूनतम अर्हता में बदलाव कर दिया। याचीगण सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल होने की अर्हता रखते हैं, इसलिए उनको ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दी जाए। याचिका में उठाए गए बिंदुओं को विचारणीय मानते हुए कोर्ट ने आवेदन की अनुमति दे दी है।
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धर्मेंद्र कुमार सिंह और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एमके गुप्ता सुनवाई कर रहे हैं। याची के वकील सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद ने 25 जून 2016 को सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में दो वर्षीय शिक्षा डिप्लोमा को न्यूनतम अर्हता में शामिल नहीं किया गया है। डिप्लोमा को एनसीटी से बीटीसी के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। याची ने बरकत उल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से डिग्री ली है। इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद भोपाल से मान्यता मिली है। एनसीटीई की गाइड लाइन पूरे देश में लागू है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने न्यूनतम अर्हता में बदलाव कर दिया। याचीगण सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल होने की अर्हता रखते हैं, इसलिए उनको ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दी जाए। याचिका में उठाए गए बिंदुओं को विचारणीय मानते हुए कोर्ट ने आवेदन की अनुमति दे दी है।
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