फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   प्रसून... ------

प्रसून... ------

Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
विज्ञापन
प्रसून... ------
कुंभ
विज्ञापन

000000000000

मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से बातचीत.....फोटो के साथ।
00000000000000000000000000000

हिया आके जी जुड़ा गया
शंकरगढ़ से अपनी नातिनी डा. दीपिका के साथ कुंभ मेले में संक्रांति का स्नान करने पहुंचीं 65 वर्ष की कमला कली बड़ी मुश्किल से चल पा रही थीं। हाथ में छड़ी लेकर अपनी नातिनी का सहारा लेकर वह धीरे-धीरे पैदल आगे बढ़ रही थीं। उन्हें देखकर हर कोई यह सोच रहा था कि ऐसी हालत में वह तीन किलोमीटर तक का पैदल रास्ता कैसे पूरा कर पाएंगी। जब उनसे पूछा कि उन्हें यहां कैसा लग रहा है तो उन्होंने तपाक से कहा, जी जुड़ा गया बेटा। बहुत सुख मिल रहा है। यह कहते हुए वह तनकर खड़ी हो गईं। एक पल को तो ऐसे लगा जैसे उनका पांव बिल्कुल ठीक हो गए। उनकी नातिनी डा. दीपिका ने बताया कि वह यहां डफरिन हास्पिटल में पोस्टेड हैं। दादी शंकरगढ़ से आई हैं। उन्हें कुंभ क्षेत्र में आने की इतनी जल्दी थी कि वे सुबह से ही रट लगाए थीं।

ये तो अलग ही दुनिया दिख रही बाबू
बीकानेर राजस्थान से पहली बार कुंभ स्नान के लिए यहां आए मालाराम मेले में पहुंचे तो कुछ देर के लिए आश्वर्यचकित होकर चारों तरफ देखते ही रहे। उन्होंने सिर पर बंधी राजस्थानी पगड़ी को थोड़ा और सही किया फिर अचंभे से बोले, ये तो अलग ही दुनिया दिख रही बाबू। मालाराम ने बताया कि वह करीब तीन किलोमीटर से पैदल चलकर आए हैं, पहली बार ऐसा लग रहा है कि उन्हें जितनी थकान होनी चाहिए, उतनी महसूस नहीं हो रही है। बताया कि उनके साथ कई और लोग भी आए हैं, सभी अलग-अलग शिविरों में रुके हैं।
विज्ञापन


यहां आकर शुगर, ब्लड प्रेशर भी ठीक हो गया
कानपुर से कुंभ क्षेत्र के सेेक्टर 14 स्थित अखंड परमधाम के शिविर में कल्पवास करने आए रामरूप सिंह सेंगर का कहना है कि संगम की रेती पर संतों के बीच रहने का आनंद निराला है। बताया कि उन्हें शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी है लेकिन यहां आकर वह पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से गंगा स्थान के साथ भजन-पूजन से पूरी दिनचर्या ही बदल गई है। रोजाना नए-नए लोगों से मिलने का अलग ही आनंद है। गुुरुजी के प्रवचन और अखाड़ों का दूश्य देखकर लगता है कि हम कितने विशाल देश में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed