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उर्दू में अधिसूचना जारी करने पर निर्णय लेने का आदेश
Updated Thu, 10 Aug 2017 09:39 PM IST
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उर्दू में अधिसूचना जारी करने पर निर्णय लेने का आदेश
इलाहाबाद। प्रदेश की द्वितीय राजभाषा उर्दू में भी सरकारी अधिसूचनाएं जारी करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आठ सप्ताह में निर्णय लेने को कहा है। यूनानी डाक्टर्स एसोसिएशन और हकीम परवाज उजूम ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उर्दू प्रदेश की दूसरी राजभाषा है इसलिए सरकार द्वारा जारी होने वाली अधिसूचनाओं, परिपत्रों, शासनादेशों आदि को हिंदी के साथ ही उर्दू में भी प्रकाशित किया जाए। यह कानूनी बाध्यता भी है। मुख्य सचिव को इस संबंध में प्रत्यावेदन दिया गया है जिस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने मुख्य सचिव को इस मामले में आठ सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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इलाहाबाद। प्रदेश की द्वितीय राजभाषा उर्दू में भी सरकारी अधिसूचनाएं जारी करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आठ सप्ताह में निर्णय लेने को कहा है। यूनानी डाक्टर्स एसोसिएशन और हकीम परवाज उजूम ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उर्दू प्रदेश की दूसरी राजभाषा है इसलिए सरकार द्वारा जारी होने वाली अधिसूचनाओं, परिपत्रों, शासनादेशों आदि को हिंदी के साथ ही उर्दू में भी प्रकाशित किया जाए। यह कानूनी बाध्यता भी है। मुख्य सचिव को इस संबंध में प्रत्यावेदन दिया गया है जिस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने मुख्य सचिव को इस मामले में आठ सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।