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यूपी में बनेगा खेलकूद विश्वविद्यालय
Updated Sat, 17 Jun 2017 07:03 PM IST
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यूपी में खेलकूद विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी
0 कुलपतियों के सम्मेलन में विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना पर होगी चर्चा
0 शिक्षा मंत्री ने कहा, विश्वविद्यालयों में पीपीपी मॉडल से विकसित होंगे संसाधन
0 अगले वर्ष से बदलेगा यूपी बोर्ड का कोर्स, लागू होंगी एनसीईआरटी की किताबें
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। यूपी में आयोजित होने जा रहे कुलपतियों के सम्मेलन में इस पर विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। यह जानकारी डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शनिवार को सीपीआई कैंपस स्थित राज्य विश्वविद्यालय के पहले स्थापना दिवस समारोह में दी। उन्होंने यह भी कहा कि नए सत्र यानी अगले वर्ष से यूपी बोर्ड का कोर्स बदलने जा रहा है। यूपी बोर्ड में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें ही चलेंगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि पिछले दिनों वह गुजरात गए थे। वहां देखा कि विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर यूपी में भी खेलकूद, महिला सशक्तिकरण, योग जैसे विषयों पर विश्वविद्यालय की स्थापना की जा सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी में भी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मॉडल से अपने संसाधन विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। मसलन, पूरी तरह से एसी ऑडिटोरियम और दूसरी सुविधाएं। हालांकि, वह संसाधनों के व्यवसायीकरण के पक्ष में नहीं हैं। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार के अवसर तभी बढ़ेंगे, जब शिक्षक दुखी मन से न पढ़ाएं और छात्र तनावपूर्ण वातावरण में न पढ़ें। इसके लिए नकलविहीन परीक्षा, नियमित सत्र, 220 दिन की पढ़ाई, शिक्षक भर्ती, पेंशन, प्रोन्नति समेत सभी मुद्दों पर सरकार काम कर रही है।
कुलपतियों के सम्मेलन में इसके साथ ही उच्च शिक्षा में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने के पर भी चर्चा होगी। उन्होंने स्कूलों के बारे में कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए नए प्रयोग होंगे। स्थानांतरण नीति भी बनाई जा रही है। जहां अतिरिक्त शिक्षक हैं, वहां तबादले होंगे और जहां शिक्षकों की कमी है, वहां नई नियुक्तियां होंगी। सरकार पूरा सहयोग करेगी, लेकिन इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि शिक्षा में बेहतर गुणवत्ता के लिए जरूरी नहीं कि चमचमाती बिल्डिंग हो, बल्कि इसके लिए अच्छे अध्यापक और गुणवत्तापरक पाठ्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने शिक्षा के नाम नाम चल रही ठेकेदारी पर भी सख्ती से लगाम लगाने को कहा। विपक्ष के लिए कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि दो माह में बड़ा परिवर्तन हो जाएगा, उन्हें अभी कुछ दिनों तक और इंतजार करना चाहिए।
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0 कुलपतियों के सम्मेलन में विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना पर होगी चर्चा
0 शिक्षा मंत्री ने कहा, विश्वविद्यालयों में पीपीपी मॉडल से विकसित होंगे संसाधन
0 अगले वर्ष से बदलेगा यूपी बोर्ड का कोर्स, लागू होंगी एनसीईआरटी की किताबें
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। यूपी में आयोजित होने जा रहे कुलपतियों के सम्मेलन में इस पर विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। यह जानकारी डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शनिवार को सीपीआई कैंपस स्थित राज्य विश्वविद्यालय के पहले स्थापना दिवस समारोह में दी। उन्होंने यह भी कहा कि नए सत्र यानी अगले वर्ष से यूपी बोर्ड का कोर्स बदलने जा रहा है। यूपी बोर्ड में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें ही चलेंगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि पिछले दिनों वह गुजरात गए थे। वहां देखा कि विषयवार विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर यूपी में भी खेलकूद, महिला सशक्तिकरण, योग जैसे विषयों पर विश्वविद्यालय की स्थापना की जा सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी में भी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मॉडल से अपने संसाधन विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। मसलन, पूरी तरह से एसी ऑडिटोरियम और दूसरी सुविधाएं। हालांकि, वह संसाधनों के व्यवसायीकरण के पक्ष में नहीं हैं। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार के अवसर तभी बढ़ेंगे, जब शिक्षक दुखी मन से न पढ़ाएं और छात्र तनावपूर्ण वातावरण में न पढ़ें। इसके लिए नकलविहीन परीक्षा, नियमित सत्र, 220 दिन की पढ़ाई, शिक्षक भर्ती, पेंशन, प्रोन्नति समेत सभी मुद्दों पर सरकार काम कर रही है।
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कुलपतियों के सम्मेलन में इसके साथ ही उच्च शिक्षा में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने के पर भी चर्चा होगी। उन्होंने स्कूलों के बारे में कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए नए प्रयोग होंगे। स्थानांतरण नीति भी बनाई जा रही है। जहां अतिरिक्त शिक्षक हैं, वहां तबादले होंगे और जहां शिक्षकों की कमी है, वहां नई नियुक्तियां होंगी। सरकार पूरा सहयोग करेगी, लेकिन इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि शिक्षा में बेहतर गुणवत्ता के लिए जरूरी नहीं कि चमचमाती बिल्डिंग हो, बल्कि इसके लिए अच्छे अध्यापक और गुणवत्तापरक पाठ्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने शिक्षा के नाम नाम चल रही ठेकेदारी पर भी सख्ती से लगाम लगाने को कहा। विपक्ष के लिए कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि दो माह में बड़ा परिवर्तन हो जाएगा, उन्हें अभी कुछ दिनों तक और इंतजार करना चाहिए।
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