फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   शासन को भेजे गए भर्ती दस्तावेजों पर उठे सवाल

शासन को भेजे गए भर्ती दस्तावेजों पर उठे सवाल

Sat, 10 Jun 2017 08:31 PM IST
Updated Sat, 10 Jun 2017 08:31 PM IST
विज्ञापन
शासन को भेजे गए भर्ती दस्तावेजों पर उठे सवाल
शासन को भेजे गए भर्ती दस्तावेजों पर उठे सवाल
विज्ञापन

0 लोक सेवा आयोग की ओर से भेजे गए दस्तावेजों में हेरफर के आरोप
0 प्रतियोगियों ने सीएम को मेल से शिकायत भेजने का शुरू किया अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। गत दिनों इलाहाबाद आए सीएम योगी आदित्यनाथ के यहां से लौटते ही शासन ने लोक सेवा आयोग से भर्ती दस्तावेज तलब कर लिए। अब चर्चा है कि आयोग की ओर से शासन को दस्तावेज भेज दिए गए हैं। दस्तावेज भेजे जाने के बाद प्रतियोगियों ने फिर से लोक सेवा आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि शासन को भेजे गए दस्तावेज में हेरफेर किया गया है। इसी के मद्देनजर प्रतियोगियों ने सीधे सीएम को उनकी मेल आईडी पर शिकायत भेजने का अभियान शुरू कर दिया है। हालांकि आयोग के अफसर अब भी भर्ती दस्तावेज शासन को भेजे जाने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
हालांकि आयोग के सूत्रों का कहना है कि शासन को पीसीएस, पीसीएस जे, लोअर, आरओ-एआरओ भर्ती से संबंधित दस्तावेज भेजे गए हैं। दस्तावेज शासन को भेजे जाने की सूचना के बाद प्रतियोगियों ने आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रतियोगी छात्रों ने एक अभियान के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ की मेल आईडी पर शिकायत दर्ज करानी शुरू कर दी है। प्रतियोगियों का आरोप है कि इन भर्तियों के तहत चयनित अभ्यर्थियों के नाम, जाति, वर्ग, अंक से संबंधित जो भी सूचना शासन को भेजी गई है, उसमें आयोग ने हेरफेर किया है। प्रतियोगियों ने परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ पर भी निशाना साधा है। प्रतियोगियों का कहना है कि जब परीक्षा नियंत्रक का तबादला हो चुका है तो वह आयोग में क्यों डटे हुए हैं। प्रतियोगियों का आरोप है कि शासन को भेजी गई सूचना में जो भी हेरफेर किया गया है, उसमें परीक्षा नियंत्रक का भी हाथ है।
विज्ञापन

प्रतियोगी छात्रों ने सीएम को मेल के जरिये शिकायत भेजकर मांग की है कि शासन को जो सूचना भेजी गई है, उसका मिलान आयोग में रखे मूल दस्तावेजों से कराया जाए ताकि गड़बड़ी का खुलासा हो सका। प्रतियोगियों का आशंका है कि अगर शासन ने आयोग की ओर से भेजी गई सूचना को जांच का आधार बनाया तो कोई गड़बड़ी सामने नहीं आएगी और ऐसे में सीबीआई जांच की मांग पर पानी फिर सकता है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि सीएम के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए अभियान चलाया गया है। सीएम से यह मांग भी की गई है कि आयोग की ओर से डॉक्टर, इंजीनियरिंग, शिक्षक जैसे पदों पर की गई सीधी भर्ती की भी सीबीआई जांच कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed