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सीएमओ ने आनंदपुर के हरपाल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया

Fri, 17 May 2019 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 17 May 2019 01:55 AM IST
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सीएमओ ने आनंदपुर के हरपाल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया
दुनका (बरेली)। गरीब हरपाल का सिस्टम ने मजाक बना दिया। आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज न मिलने पर एक पैर गवां चुके आनंदपुर के हरपाल वाल्मीकि की बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने सुध तो ली लेकिन इसका तमाशा भी खूब बनाया। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार मीरगंज पहुंचे, एसडीएम रोहित यादव से मिले, लेकिन हरपाल के घर तक जाने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने न्यू पीएचसी आनंदपुर के प्रभारी डॉ. विपुल कुमार को हरपाल के घर भेजा। उन्होंने हरपाल को देखने के बाद एसीएमओ को बताया कि उसके बाएं पैर में भी काफी संक्रमण फैल चुका है। जल्द अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू नहीं कराया गया तो उसे भी काटना पड़ सकता है। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 108 नंबर पर सरकारी एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया। मगर एंबुलेंस भी दो घंटे बाद पहुंची। तब जाकर उसे जिला अस्पताल भिजवाया जा सका। मगर परिवार वालों का आरोप है कि वहां भी स्टाफ ने उन्हें झिड़क दिया। कहा- यहां क्यों आ गए, तुम्हारा इलाज लखनऊ में ही हो सकता है।
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सीएचसी तक गए लेकिन पीड़ित के घर नहीं
एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार मीरगंज सीएचसी गए, लेकिन आनंदपुर गांव नहीं गए। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो मीरगंज पीएचसी में स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण की व्यस्तता का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। एसडीएम रोहित यादव ने हरपाल को जिला अस्पताल भिजवाने को मीरगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. नवनीत अग्रवाल से तत्काल एंबुलेंस भेजने को कहा। इस पर न्यू पीएचसी प्रभारी डॉ. विपुल नेदोपहर पौने दो बजे 108 पर फोन किया। मगर एंबुलेंस अपराह्न 4.10 बजे गांव पहुंची। इस पर सीएचसी प्रभारी डॉ. नवनीत अग्रवाल ने सफाई दी कि इलाके के तीन सीएचसी पर एक-एक 108 नंबर एंबुलेंस है। मीरगंज सीएचसी की एंबुलेंस मरम्मत के लिए भेजी गई है। खिरका सीएचसी की एंबुलेंस मरीज को लेकर जिला अस्पताल गई थी। शीशगढ़ सीएचसी की एंबुलेंस भी रामपुर गई थी। रामपुर से लौटकर आनंदपुर पहुंचने में एंबुलेंस को दो घंटे का वक्त लग गया।
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मांगी मदद तो लखनऊ से भी मिली फटकार
डॉ. विपुल के फोन के बाद भी जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पिता हरपाल को दर्द से छटपटाते देख 12 साल के बेटे सागर ने 108 नंबर पर फोन कर दिया। परिवार वालों का आरोप है कि फोन उठाते ही लखनऊ से बोल रहीं मैडम बच्चे पर झल्ला पड़ीं। कहा- एंबुलेंस तो नहीं, पुलिस जरूर घर पहुंचेगी और पूरा परिवार जेल की हवा खाएगा।
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आयुष्मान कार्ड में तकनीकी खामी, चालू कराएंगे
सीएचसी प्रभारी डॉ. नवनीत अग्रवाल ने बताया कि हरपाल का आयुष्मान कार्ड टेक्निकल फाल्ट की वजह से लॉक है। शायद आचार संहिता लागू होने के बाद जो आयुष्मान कार्ड बने हैं, वे चालू नहीं हो पाए हैं। उसे ठीक कराने का प्रयास करेंगे।


अनुदान नहीं तो ब्याज मुक्त कर्ज ही दिला दो
हरपाल परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। बुजुर्ग माता-पिता का कहना है कि बेटा अब मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करने लायक नहीं रहा। अंत्योदय राशन कार्ड जरूर बना है, जिससे खाने का तो इंतजाम हो जाएगा। लेकिन बच्चों की पढ़ाई के साथ ही अन्य खर्च कैसे चलेंगे। उन्होंने सरकार से परचून की दुकान खोलने के लिए अनुदान या ब्याज मुक्त कर्ज दिलवाने की गुहार की है।
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