{"_id":"5beae825bdec2269c544c11d","slug":"141542121509-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रिपल तलाक पीड़िता समीना की गिरफ्तारी पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रिपल तलाक पीड़िता समीना की गिरफ्तारी पर रोक
Updated Tue, 13 Nov 2018 08:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रिपल तलाक पीड़िता समीना की गिरफ्तारी पर रोक
प्रयागराज। ट्रिपल तलाक के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली समीना बेगम को राहत देते हुए हाईकोेर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। समीना पर अपहरण और ब्लैक मेलिंग का मुकदमा दर्ज है। मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
समीना के खिलाफ आसमां परवीन ने बुलंदशहर कोतवाली में रिपोेर्ट दर्ज कराई है। समीना की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति केपी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। समीना के अधिवक्ता इरशाद अहमद का कहना है कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल करने की वजह से उनको परेशान किया जा रहा है। 14 अक्तूबर 2018 को उन पर तेजाब से हमला किया गया। इसका मुकदमा दर्ज है। पेशबंदी के तहत उनके खिलाफ भी 18 अक्तूबर को ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और अपहरण आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। याचिका में प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में हस्तक्षेप नहीं किया, मगर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
प्रयागराज। ट्रिपल तलाक के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली समीना बेगम को राहत देते हुए हाईकोेर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। समीना पर अपहरण और ब्लैक मेलिंग का मुकदमा दर्ज है। मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
समीना के खिलाफ आसमां परवीन ने बुलंदशहर कोतवाली में रिपोेर्ट दर्ज कराई है। समीना की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति केपी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। समीना के अधिवक्ता इरशाद अहमद का कहना है कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल करने की वजह से उनको परेशान किया जा रहा है। 14 अक्तूबर 2018 को उन पर तेजाब से हमला किया गया। इसका मुकदमा दर्ज है। पेशबंदी के तहत उनके खिलाफ भी 18 अक्तूबर को ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और अपहरण आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। याचिका में प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में हस्तक्षेप नहीं किया, मगर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन