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िसिपाही भर्ती के रिर्काड कोर्ट में तलब
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:04 AM IST
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सिपाही भर्ती 2013 के रिकार्ड कोर्ट में तलब
0 क्षैतिज आरक्षण में संशोधन के बाद रिक्त पदों की संख्या नहीं बता रहा पुलिस बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पुलिस सिपाही भर्ती 2013 से संबंधित सभी रिकार्ड तलब कर लिए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर पुलिस भर्ती बोर्ड के किसी जिम्मेदार अधिकारी को उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया है। भर्ती बोर्ड पर आरोप है कि उसने वर्गवार रिक्तियों का खुलासा नहीं किया, जिससे अभ्यर्थियों को यह नहीं पता चल पा रहा है कि किस श्रेणी में कितने पदों पर नियुक्ति की जानी है। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
प्रमोद कुमार सिंह और नौ अन्य की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने पक्ष रखा। याचिका में 13 अगस्त 2018 को पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गई है। कहा गया कि सिपाही भर्ती में गलत क्षैतिज आरक्षण लागू करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। तब भर्ती बोर्ड ने स्वीकार किया कि 1714 जनरल कटेगरी के पदों पर आरक्षित वर्ग की महिलाओं की नियुक्ति कर दी गई है। इसे संशोधित करने पर सामान्य वर्ग में 1714 पुरुष अभ्यर्थियों का चयन हो सकेगा और 2220 पिछड़ा वर्ग की और 310 एससी महिला अभ्यर्थी चयन से बाहर हो जाएंगी। इन बाहर हुई महिला अभ्यर्थियों को उनके वर्ग में चयन दिया जाएगा।
याचीगण का कहना है कि भर्ती बोर्ड ने कोर्ट के आदेश के बाद आज तक किसी भी वर्ग की रिक्तियोें की जानकारी नहीं दी है। जो लोग गलत तरीके से चयनित हो गए थे, वे आज भी काम कर रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने पांच सितंबर की तिथि नियत करते हुए भर्ती बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी को सभी रिकार्ड के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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सिपाही भर्ती 2013 के रिकार्ड कोर्ट में तलब
0 क्षैतिज आरक्षण में संशोधन के बाद रिक्त पदों की संख्या नहीं बता रहा पुलिस बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पुलिस सिपाही भर्ती 2013 से संबंधित सभी रिकार्ड तलब कर लिए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर पुलिस भर्ती बोर्ड के किसी जिम्मेदार अधिकारी को उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया है। भर्ती बोर्ड पर आरोप है कि उसने वर्गवार रिक्तियों का खुलासा नहीं किया, जिससे अभ्यर्थियों को यह नहीं पता चल पा रहा है कि किस श्रेणी में कितने पदों पर नियुक्ति की जानी है। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
प्रमोद कुमार सिंह और नौ अन्य की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने पक्ष रखा। याचिका में 13 अगस्त 2018 को पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गई है। कहा गया कि सिपाही भर्ती में गलत क्षैतिज आरक्षण लागू करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। तब भर्ती बोर्ड ने स्वीकार किया कि 1714 जनरल कटेगरी के पदों पर आरक्षित वर्ग की महिलाओं की नियुक्ति कर दी गई है। इसे संशोधित करने पर सामान्य वर्ग में 1714 पुरुष अभ्यर्थियों का चयन हो सकेगा और 2220 पिछड़ा वर्ग की और 310 एससी महिला अभ्यर्थी चयन से बाहर हो जाएंगी। इन बाहर हुई महिला अभ्यर्थियों को उनके वर्ग में चयन दिया जाएगा।
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याचीगण का कहना है कि भर्ती बोर्ड ने कोर्ट के आदेश के बाद आज तक किसी भी वर्ग की रिक्तियोें की जानकारी नहीं दी है। जो लोग गलत तरीके से चयनित हो गए थे, वे आज भी काम कर रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने पांच सितंबर की तिथि नियत करते हुए भर्ती बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी को सभी रिकार्ड के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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