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ओह हनुमान जी इज रेस्टिंग ह यिर
Updated Sun, 16 Dec 2018 02:19 AM IST
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कुंभ की तैयारियां देखने आए विभिन्न देशों के राजनयिक शनिवार को जब संगम की रेती पर पहुंचे तो संगम से लेकर लेटे हुए हनुमान मंदिर तक सनातन धर्म, संस्कृति और आस्था के हर पड़ाव पर मुग्ध, चकित और हर्षित होते रहे। लेकिन, जूते-जूतियां उतारकर त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचने पर हनुमान जी को विश्राम मुद्रा में देखना उनके लिए विस्मयकारी रहा।
तिलक-चंदन, पूजन और प्रसाद के बारे में प्रशासन की ओर से पहले से मनाही थी सो योगगुरु और मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी आनंद गिरि ने उनसे पुष्पांजलि के बारे में भी पूछा। हामी भरते हुए मुस्लिम देशों सहित जुटे सभी देशों के प्रतिनिधियों ने हाथ में फूल लिए, हनुमान स्तुति सुनीं और फिर फूल भी चढ़ाए।
सुखद तो यह रहा कि स्वामी आनंद गिरि ने जब लेटे हुए हनुमान के बारे में बताया कि लंका विजय के बाद वापसी में हनुमान जी ने यहां रुककर विश्राम किया था तो श्रीलंका के राजदूत लगभग चौंक पड़े। बोले, ‘ओह, हनुमान जी इज रेस्टिंग हियर, देयर आर सो मेनी प्लेसेज इन श्रीलंका रिलेटेड टू हनुमान जी।’ वहीं मुस्लिम प्रतिनिधियों ने उनकी ‘इस मुद्रा’ को अपने पीरों, बुजुर्गों से जोड़कर देखा।
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अन्य देशों के राजनयिकों ने भी हनुमान जी और मंदिर से जुड़ीं जानकारियां हासिल कीं। अपने मोबाइल से हनुमान स्तुति, पूजन की वीडियो बनाई। स्वामी आनंद गिरि के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, हनुमान जी की तस्वीर वाला विजिटिंग कार्ड लिया और कुंभ में फिर आने के वायदे के साथ विदा हो गए।
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तिलक-चंदन, पूजन और प्रसाद के बारे में प्रशासन की ओर से पहले से मनाही थी सो योगगुरु और मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी आनंद गिरि ने उनसे पुष्पांजलि के बारे में भी पूछा। हामी भरते हुए मुस्लिम देशों सहित जुटे सभी देशों के प्रतिनिधियों ने हाथ में फूल लिए, हनुमान स्तुति सुनीं और फिर फूल भी चढ़ाए।
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सुखद तो यह रहा कि स्वामी आनंद गिरि ने जब लेटे हुए हनुमान के बारे में बताया कि लंका विजय के बाद वापसी में हनुमान जी ने यहां रुककर विश्राम किया था तो श्रीलंका के राजदूत लगभग चौंक पड़े। बोले, ‘ओह, हनुमान जी इज रेस्टिंग हियर, देयर आर सो मेनी प्लेसेज इन श्रीलंका रिलेटेड टू हनुमान जी।’ वहीं मुस्लिम प्रतिनिधियों ने उनकी ‘इस मुद्रा’ को अपने पीरों, बुजुर्गों से जोड़कर देखा।
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अन्य देशों के राजनयिकों ने भी हनुमान जी और मंदिर से जुड़ीं जानकारियां हासिल कीं। अपने मोबाइल से हनुमान स्तुति, पूजन की वीडियो बनाई। स्वामी आनंद गिरि के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, हनुमान जी की तस्वीर वाला विजिटिंग कार्ड लिया और कुंभ में फिर आने के वायदे के साथ विदा हो गए।