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श्री रामायण एक्सप्रेस के रूट में चित्रकूट, प्रयागराज ही नहीं
Updated Sun, 18 Nov 2018 02:07 AM IST
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श्री रामायण एक्सप्रेस के रूट में चित्रकूट, प्रयागराज ही नहीं
0 रामेश्वरम तक जानी है ट्रेन, 14 को चली है दिल्ली से
0 श्रीराम से जुड़े दो प्रमुख स्थलों को नहीं किया गया शामिल
राहुल शर्मा
प्रयागराज। आईआरसीटीसी की ओर से चलाई गई श्री रामायण एक्सप्रेस के रूट में श्रीराम से जुड़े दो महत्वपूर्ण स्थान चित्रकूट और प्रयागराज नदारद हैं। जबकि, इन दोनों ही स्थानों से श्रीराम का गहरा नाता बताया जाता है। 14 नवंबर को दिल्ली के सफदरगंज से चली यह ट्रेन इलाहाबाद छिवकी होते हुए गुजर जाएगी, लेकिन रुकेगी नहीं। आईआरसीटीसी के अफसर भी इस बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से श्री रामायण एक्सप्रेस 14 नवंबर को दिल्ली से चलाई गई है। 16 दिन के इस टूर पैकेज में श्री रामायण एक्सप्रेस भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों के दर्शन श्रद्धालुओं को करवाएगी। अयोध्या के बाद शनिवार को यह ट्रेन सीतामढ़ी पहुंची। वहां से चलकर रविवार को वाराणसी पहुंचेगी। वाराणसी में दो दिन के ठहराव के बाद ट्रेन 20 नवंबर को चलेगी, जो इलाहाबाद छिवकी, मानिकपुर के रास्ते गुजरते हुए 21 नवंबर को नासिक एवं 25 को रामेश्वरम पहुंचेगी। छिवकी में इस ट्रेन का ठहराव आईआरसीटीसी ने नहीं दिया है, जबकि प्रयागराज में भगवान राम भारद्वाज ऋषि के आश्रम में आए थे। इसके अलावा शृंगवेरपुर में भी उनका आगमन हुआ था। उधर, वनवास के दौरान भगवान राम ने काफी वक्त चित्रकूट में गुजारा था। प्रभु राम से जुड़े इन दो महत्वपूर्ण स्थानों को छोड़ दिए जाने से आम शहरी भी हैरत में हैं।
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. एलएस ओझा का कहना है कि इन दोनों महत्वपूर्ण स्थानों को भी ट्रेन के रूट में जोड़ना चाहिए था। समाजसेवी विजय उपाध्याय ने भी इसे लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के रूट में अयोध्या, नंदीग्राम, सीतामढ़ी, जनकपुर, वाराणसी, नासिक, हंपी, रामेश्वरम आदि शामिल हैं तो प्रयागराज और चित्रकूट को क्यों नहीं शामिल किया गया। इस बारे में आईआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह से पूछा गया तो वह प्रयागराज, चित्रकूट को ट्रेन के रूट में शामिल करने के बारे में कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
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0 रामेश्वरम तक जानी है ट्रेन, 14 को चली है दिल्ली से
0 श्रीराम से जुड़े दो प्रमुख स्थलों को नहीं किया गया शामिल
राहुल शर्मा
प्रयागराज। आईआरसीटीसी की ओर से चलाई गई श्री रामायण एक्सप्रेस के रूट में श्रीराम से जुड़े दो महत्वपूर्ण स्थान चित्रकूट और प्रयागराज नदारद हैं। जबकि, इन दोनों ही स्थानों से श्रीराम का गहरा नाता बताया जाता है। 14 नवंबर को दिल्ली के सफदरगंज से चली यह ट्रेन इलाहाबाद छिवकी होते हुए गुजर जाएगी, लेकिन रुकेगी नहीं। आईआरसीटीसी के अफसर भी इस बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से श्री रामायण एक्सप्रेस 14 नवंबर को दिल्ली से चलाई गई है। 16 दिन के इस टूर पैकेज में श्री रामायण एक्सप्रेस भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों के दर्शन श्रद्धालुओं को करवाएगी। अयोध्या के बाद शनिवार को यह ट्रेन सीतामढ़ी पहुंची। वहां से चलकर रविवार को वाराणसी पहुंचेगी। वाराणसी में दो दिन के ठहराव के बाद ट्रेन 20 नवंबर को चलेगी, जो इलाहाबाद छिवकी, मानिकपुर के रास्ते गुजरते हुए 21 नवंबर को नासिक एवं 25 को रामेश्वरम पहुंचेगी। छिवकी में इस ट्रेन का ठहराव आईआरसीटीसी ने नहीं दिया है, जबकि प्रयागराज में भगवान राम भारद्वाज ऋषि के आश्रम में आए थे। इसके अलावा शृंगवेरपुर में भी उनका आगमन हुआ था। उधर, वनवास के दौरान भगवान राम ने काफी वक्त चित्रकूट में गुजारा था। प्रभु राम से जुड़े इन दो महत्वपूर्ण स्थानों को छोड़ दिए जाने से आम शहरी भी हैरत में हैं।
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भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. एलएस ओझा का कहना है कि इन दोनों महत्वपूर्ण स्थानों को भी ट्रेन के रूट में जोड़ना चाहिए था। समाजसेवी विजय उपाध्याय ने भी इसे लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के रूट में अयोध्या, नंदीग्राम, सीतामढ़ी, जनकपुर, वाराणसी, नासिक, हंपी, रामेश्वरम आदि शामिल हैं तो प्रयागराज और चित्रकूट को क्यों नहीं शामिल किया गया। इस बारे में आईआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह से पूछा गया तो वह प्रयागराज, चित्रकूट को ट्रेन के रूट में शामिल करने के बारे में कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
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