{"_id":"5bd88a3abdec2269345637f4","slug":"131540917818-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालगृह का लाइसेंस निरस्त करने पर जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालगृह का लाइसेंस निरस्त करने पर जवाब तलब
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बालगृह का लाइसेंस निरस्त करने पर जवाब तलब
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने वाराणसी के राधाकृष्ण बाल गृह (शिशु) का लाइसेंस निरस्त करने के मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। लाइसेंस निरस्त करने के निर्णय को याचिका में चुनौती दी गई है। बालगृह का संचालन वैष्णो सेवा समिति के द्वारा किया जाता है। बाल गृह का लाइसेंस कानून के विपरीत काम करने और बच्चों के पालन में लापरवाही के आरोप में रद्द कर दिया गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति वीपी वैश्य की खंडपीठ कर रही है। संस्था में पल रहे एक बच्चे की मौत पर हुई जांच में संस्था द्वारा लापरवाही बरतने की बात सामने आने केबाद उस पर कार्रवाई की गई। याची संस्था का कहना है कि उस पर कार्रवाई करने से पूर्व अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। संस्था को दस वर्ष तक की आयु के 20 बच्चों को रखने का लाइसेंस प्राप्त था। लापरवाही की बात सामने आने के बाद इन बच्चों को राजकीय शिशुगृह प्रयागराज स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने वाराणसी के राधाकृष्ण बाल गृह (शिशु) का लाइसेंस निरस्त करने के मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। लाइसेंस निरस्त करने के निर्णय को याचिका में चुनौती दी गई है। बालगृह का संचालन वैष्णो सेवा समिति के द्वारा किया जाता है। बाल गृह का लाइसेंस कानून के विपरीत काम करने और बच्चों के पालन में लापरवाही के आरोप में रद्द कर दिया गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति वीपी वैश्य की खंडपीठ कर रही है। संस्था में पल रहे एक बच्चे की मौत पर हुई जांच में संस्था द्वारा लापरवाही बरतने की बात सामने आने केबाद उस पर कार्रवाई की गई। याची संस्था का कहना है कि उस पर कार्रवाई करने से पूर्व अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। संस्था को दस वर्ष तक की आयु के 20 बच्चों को रखने का लाइसेंस प्राप्त था। लापरवाही की बात सामने आने के बाद इन बच्चों को राजकीय शिशुगृह प्रयागराज स्थानांतरित कर दिया गया है।
विज्ञापन