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पुरानी पेंशन बहाली पीठ के क्षेत्राधिकारी पर सरकार ने की आपति
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सुनवाई कर रही पीठ के क्षेत्राधिकार
पर प्रदेश सरकार ने जताई आपत्ति
0 पुरानी पेंशन बहाली का मामला
0 हाईकोर्ट कर्मचारी संघ ने भी दाखिल की अर्जी, प्रकरण मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर स्वत: प्रेरित याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ के क्षेत्राधिकार पर प्रदेश सरकार ने आपत्ति की है। वहीं हाईकोर्ट कर्मचारी अधिकारी संघ की तरफ से अधिवक्ता विजय गौतम ने अंतर्हस्तक्षेपी अर्जी दाखिल की है। सरकार के वकील का कहना था कि इस जनहित याचिका को समाप्त कर अंतर्हस्तक्षेपी अर्जी को अलग से याचिका माना जाए।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने याचिका इस पीठ को सुनवाई के लिए नामित की है। इसके बावजूद नामित करने के लिए याचिका मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश की जाए। राजकीय मुद्रणालय कर्मचारी संघ की तरफ से अधिवक्ता राजवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पेंशन को लेकर कोर्ट में उठे सवालों का जवाब नहीं दे रही और तकनीकी कारणों से याचिका की सुनवाई टालने के प्रयास कर रही है।
इससे पहले कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या कर्मचारियों से वार्ता कर हल नहीं निकाला जा सकता। नई पेंशन स्कीम वैकल्पिक न होकर अनिवार्य क्यों की जा रही है। देश हित में राजनेता अपनी पेंशन छोड़ क्यों नहीं देते। क्या सरकार बिना उनकी मर्जी के कर्मचारियों का पैसा शेयर बाजार में लगा सकती है। यदि स्क्ीम अच्छी है तो सभी पर लागू क्यों नहीं करते और क्या सरकार कर्मचारियों को नाराज कर सही ढंग से काम ले सकेगी। अब मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर द्वारा नामित पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
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सुनवाई कर रही पीठ के क्षेत्राधिकार
पर प्रदेश सरकार ने जताई आपत्ति
0 पुरानी पेंशन बहाली का मामला
0 हाईकोर्ट कर्मचारी संघ ने भी दाखिल की अर्जी, प्रकरण मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर स्वत: प्रेरित याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ के क्षेत्राधिकार पर प्रदेश सरकार ने आपत्ति की है। वहीं हाईकोर्ट कर्मचारी अधिकारी संघ की तरफ से अधिवक्ता विजय गौतम ने अंतर्हस्तक्षेपी अर्जी दाखिल की है। सरकार के वकील का कहना था कि इस जनहित याचिका को समाप्त कर अंतर्हस्तक्षेपी अर्जी को अलग से याचिका माना जाए।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने याचिका इस पीठ को सुनवाई के लिए नामित की है। इसके बावजूद नामित करने के लिए याचिका मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश की जाए। राजकीय मुद्रणालय कर्मचारी संघ की तरफ से अधिवक्ता राजवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पेंशन को लेकर कोर्ट में उठे सवालों का जवाब नहीं दे रही और तकनीकी कारणों से याचिका की सुनवाई टालने के प्रयास कर रही है।
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इससे पहले कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या कर्मचारियों से वार्ता कर हल नहीं निकाला जा सकता। नई पेंशन स्कीम वैकल्पिक न होकर अनिवार्य क्यों की जा रही है। देश हित में राजनेता अपनी पेंशन छोड़ क्यों नहीं देते। क्या सरकार बिना उनकी मर्जी के कर्मचारियों का पैसा शेयर बाजार में लगा सकती है। यदि स्क्ीम अच्छी है तो सभी पर लागू क्यों नहीं करते और क्या सरकार कर्मचारियों को नाराज कर सही ढंग से काम ले सकेगी। अब मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर द्वारा नामित पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
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