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एसआईटी को पेंशन घोटाले में नहीं मिला कुछ खास
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:56 AM IST
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नगर निगम पेंशन घोटाले की अधिकतर पत्रावलियां गायब
-एसआईटी को पेंशन घोटाले में नहीं मिला कुछ खास, तीसरे दिन टीम लखनऊ लौटी
-सीएफओ के कक्ष में 15 लोगों से पूछताछ, लिखाकर लिया कि नहीं हैं घोटाले के कागज
इलाहाबाद। नगर निगम के बहुचर्चित करोड़ों के पेंशन घोटाले की जांच करने आई एसआईटी टीम को एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। मामले की विवेचना न होने के बाद बुधवार को पता चला कि निगम के पेंशन विभाग के पास घोटाला अवधि की एक भी पत्रावलियां नहीं हैं। साफ है कि मामले को दबाने के लिए कागज गायब किए गए। वहीं तीसरे दिन टीम सदस्यों ने सीएफओ कक्ष में 15 लोगों से पूछताछ की जो बेनतीजा रही। शाम को टीम सदस्य लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
एसआईटी की अपर पुलिस अधीक्षक अमृता मिश्रा के नेतृत्व में निरीक्षक आरएन द्विवेदी, आरपी शुक्ला और एसके उपाध्याय के साथ नगर निगम के पेंशन विभाग में पहुंचे। वहां अफसरों से पत्रावलियां मांगी तो पता चला कि घोटाले से संबंधित कोई रिकार्ड नहीं हैं। जो पत्रावलियां इससे पूर्व जांच एजेंसी को दी गईं, वे पेंशन भोगियों को बुलाकर तैयार कराई गईं। एसआईटी के अफसरों ने 15 कर्मचारियों से पूछताछ के बाद घोटाले से जुड़े कुछ जरूरी अभिलेख कब्जे में लिए। सीएफओ सत्यानंद श्रीवास्तव के दफ्तर में पूछताछ कई महत्वपूर्ण लगे कागज कब्जे में लिए। पेंशन विभाग के अफसरों से यह लिखाकर लिया कि घोटाले से संबंधित कोई पत्रावली या कागज उनके पास नहीं हैं।
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-एसआईटी को पेंशन घोटाले में नहीं मिला कुछ खास, तीसरे दिन टीम लखनऊ लौटी
-सीएफओ के कक्ष में 15 लोगों से पूछताछ, लिखाकर लिया कि नहीं हैं घोटाले के कागज
इलाहाबाद। नगर निगम के बहुचर्चित करोड़ों के पेंशन घोटाले की जांच करने आई एसआईटी टीम को एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। मामले की विवेचना न होने के बाद बुधवार को पता चला कि निगम के पेंशन विभाग के पास घोटाला अवधि की एक भी पत्रावलियां नहीं हैं। साफ है कि मामले को दबाने के लिए कागज गायब किए गए। वहीं तीसरे दिन टीम सदस्यों ने सीएफओ कक्ष में 15 लोगों से पूछताछ की जो बेनतीजा रही। शाम को टीम सदस्य लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
एसआईटी की अपर पुलिस अधीक्षक अमृता मिश्रा के नेतृत्व में निरीक्षक आरएन द्विवेदी, आरपी शुक्ला और एसके उपाध्याय के साथ नगर निगम के पेंशन विभाग में पहुंचे। वहां अफसरों से पत्रावलियां मांगी तो पता चला कि घोटाले से संबंधित कोई रिकार्ड नहीं हैं। जो पत्रावलियां इससे पूर्व जांच एजेंसी को दी गईं, वे पेंशन भोगियों को बुलाकर तैयार कराई गईं। एसआईटी के अफसरों ने 15 कर्मचारियों से पूछताछ के बाद घोटाले से जुड़े कुछ जरूरी अभिलेख कब्जे में लिए। सीएफओ सत्यानंद श्रीवास्तव के दफ्तर में पूछताछ कई महत्वपूर्ण लगे कागज कब्जे में लिए। पेंशन विभाग के अफसरों से यह लिखाकर लिया कि घोटाले से संबंधित कोई पत्रावली या कागज उनके पास नहीं हैं।
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