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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   12 awards including Hindustani Academy's Guru Gorakshanath Samman banned, CM office returns file

UP : हिंदुस्तानी एकेडमी के गुरु गोरक्षनाथ सम्मान समेत 12 पुरस्कारों पर रोक, सीएम कार्यालय ने फाइल लौटाई फाइल

Fri, 12 Jul 2024 12:16 PM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 12 Jul 2024 12:16 PM IST
सार

वर्ष 2022 के पुरस्कारों की घोषणा ही रोक दी गई है। पता चला है कि तीन राष्ट्रीय और नौ राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए जिन नामों की अनुशंसा कार्य समिति ने की थी, उनकी योग्यता और दावे के संबंध में साक्ष्य भी मांगे गए हैं।

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12 awards including Hindustani Academy's Guru Gorakshanath Samman banned, CM office returns file
हिंदुस्तानी एकेडमी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हिंदी साहित्य में संत परंपरा के अवदान समेत कविता-कथा लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर हिंदुस्तानी एकेडमी की ओर से दिए जाने वाले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भाषा विभाग को पत्रावली वापस कर दी है। इसमें वर्ष 2022 के तीन राष्ट्रीय और नौ राज्य स्तरीय समेत कुल 12 पुरस्कार शामिल हैं। पांच लाख रुपये के गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान को लेकर आपत्ति लगने की बात कही जा रही है।

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हिंदी व उसकी सहयोगी भाषाओं को समृद्ध और लोकप्रिय बनाने में एक जमाने में हिंदुस्तानी एकेडमी के योगदान को भले ही अविस्मरणीय माना जाता रहा हो, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं। उदासीनता की हद यहां तक है कि एकेडमी की ओर से 2018 से 2021 तक घोषित पुरस्कारों की धनराशि दो दे दी गई है, लेकिन सम्मान पत्र अभी तक वितरित नहीं किए जा सके हैं।

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वर्ष 2022 के पुरस्कारों की घोषणा ही रोक दी गई है। पता चला है कि तीन राष्ट्रीय और नौ राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए जिन नामों की अनुशंसा कार्य समिति ने की थी, उनकी योग्यता और दावे के संबंध में साक्ष्य भी मांगे गए हैं। पांच लाख रुपये के प्रतिष्ठित गुरु गोरक्ष नाथ सम्मान के लिए जिन नामों की अनुशंसा निर्णायक मंडल ने किया था, उसमें एकेडमी के तत्कालीन अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह का नाम पहले नंबर पर था। नियमानुसार अध्यक्ष रहते हुए कोई भी व्यक्ति पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं कर सकता।

उदय प्रताप मई 2022 तक एकेडमी के अध्यक्ष रहे हैं। इसके बाद से ही यह पद रिक्त चल रहा है और शासन ने अपर मुख्य सचिव भाषा जितेंद्र कुमार के एकेडमी का कार्यकारी अध्यक्ष नामित कर दिया है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने निर्णायक मंडल की ओर से अनुशंसा के बाद इन पुरस्कारों के लिए भेजी फाइल भाषा विभाग को वापस कर दी है। अब शिखर पुरस्कारों के लिए नामित साहित्यकारों के बायोडाटा में दी गई जानकारी का सत्यापन कराया जा रहा है। इन पुरस्कारों के लिए नामित साहित्यकारों के बायोडाटा में दी गई जानकारी के एवज में साक्ष्य भी मांगे गए हैं।

एकेडमी की ओर से दिए जाने वाले पुरस्कार

गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान- पांच लाख रुपये, गोस्वामी तुलसी दास सम्मान -पांच लाख रुपये, संत कबीर दास सम्मान- चार लाख रुपये, भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान- दो लाख रुपये, महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान- दो लाख रुपये, महादेवी वर्मा सम्मान- एक लाख रुपये, फिराक गोरखपुरी सम्मान- एक लाख रुपये, भिखारी ठाकुर भोजपुरी सम्मान- एकलाख रुपये, बनादास अवधी सम्मान- एक लाख रुपये, कुंभनदास ब्रजभाषा सम्मान- एक लाख रुपये, ईसुरी बुंदेली सम्मान- एक लाख रुपये, हिंदुस्तानी एकेडमी युवा लेखन सम्मान चार श्रेणियों में- कविता, कथा साहित्य, निबंध और नाटक के क्षेत्र में 11-11 हजार रुपये।

एकेडमी के पुरस्कारों की पत्रावली वापस की गई है। इसमें नामित साहित्यकारों के बायोडाटा में दी गई जानकारी से संबंधित साक्ष्य भी मांगे गए हैं। कुछ नामित साहित्यकारों के साक्ष्य आ गए हैं। शेष जानकारी जुटाकर शासन को जल्द ही भेज दी जाएगी। - देवेंद्र प्रताप सिंह, सचिव, हिंदुस्तानी एकेडमी।

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