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फिर तोड़ा खमरिया बांध, रखवालों को पीटा

Sun, 10 Mar 2019 02:06 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 10 Mar 2019 02:06 AM IST
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फिर तोड़ा खमरिया बांध, रखवालों को पीटा
दुनका/टांडा छंगा। निर्माणाधीन खमरिया बांध को तीन दिन के भीतर दूसरी बार काट डाला गया। यही नहीं बांध की रखवाली कर रहे दो लात-घूसों और डंडों से पिटाई करने के बाद खेतों में बांधकर फेंक दिया गया। शनिवार सुबह जब लोगों को इस घटना का पता लगा तो दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए। इस भीड़ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार घंटे तक जमकर हंगामा किया। शीशगढ़ पुलिस ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर प्रदर्शनकारियों को बमुश्किल शांत किया। सिंचाई विभाग के जिलेदार की ओर से थाना शीशगढ़ में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
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बहगुल नदी के खमरिया घाट पर दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर सिंचाई विभाग द्वारा कच्चा बांध (रेगुलेटर) बनवाया जा रहा है। बताया गया कि शुक्रवार रात आठ लोग खमरिया घाट पर पहुंचे और कसी-फावड़ों से निर्माणाधीन कच्चे बांध को पूरी तरह तोड़ डाला। छह मार्च की रात में बांध काटे जाने के बाद से यहां पहरा दे रहे पड़ोसी गांव के शंकरलाल मौर्य और समवीर सिंह ने इन लोगों का विरोध किया तो गालीगलौज करते हुए दोनों को जमकर लात-घूसों और डंडों से पीटा। इसके बाद हमलावर उन्हें हाथ-पैर बांधकर पास के खेत में फेंक गए। शनिवार सुबह मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पूरा बांध कटा हुआ और पहरा दे रहे दोनों लोगों को खेत में बंधा पड़ा देखा तो आगबबूला हो उठे। देखते ही देखते दो दर्जन से ज्यादा गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर आ धमके और तीन दिन में दूसरी बार निर्माणाधीन बांध काट डालने का दुस्साहस करने वालों की फौरन गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक चार घंटे धरना-प्रदर्शन चलता रहा। इस बीच सिंचाई विभाग के एसडीओ नरेंद्र सिंह ने भी मौका मुआयना किया। शीशगढ़ थाना प्रभारी श्यामसिंह ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि तीन दिन में दूसरी बार बांध तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसडीओ के निर्देश पर जिलेदार विनोद कुमार सक्सेना ने बांध तोड़कर सरकारी काम में बाधा डालने के संगीन मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवा दी है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में पीलीभीत सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रतिनिधि वेदप्रकाश कश्यप, दलवीर सिंह, कल्लू प्रधान, पूर्व प्रधान कनकटी रमेश सिंह, पूर्व प्रधान ढकिया ठाकुरान कृष्णपाल सिंह समेत 250 से ज्यादा लोग शामिल रहे।
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अवैध कब्जे छिनने के डर से तुड़वाया खमरिया बांध
इधर, प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप था कि बहगुल नदी के खमरिया घाट पर आसपास के दर्जनों रसूखदारों ने जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। खमरिया घाट पर कच्चा बांध बनने पर इन सभी रसूखदारों को अपने-अपने अवैध कब्जे छिनने का डर सताने लगा था। इन्हीं लोगों ने तीन दिन में दूसरी बार बांध तुड़वाया है।
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