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सुरक्षित कुंभ के लिए हर खतरे से निबटने के लिए पुलिस तैयार
Updated Sat, 01 Dec 2018 08:39 PM IST
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कुंभ में सुरक्षित रहेंगे श्रद्धालु, पुलिस हर
खतरे से निपटने में सक्षम : डीजीपी
क्रासर
तैनात किए जाएंगे एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो
पुलिस का इस तरह रहेगा सुरक्षा का खाका
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0 डिजिटलाइज भूमिका में रहेगी सूबे की पुलिस
0 दस हजार पुलिस कर्मियों के हाथों होगी सुरक्षा व्यवस्था
0 भीड़ प्रबंधन के साथ श्रद्धालुओं को डूबने से भी बचाएगी पुलिस
0 आतंकी गतिविधियों पर नजर रखेगी इंटेलीजेंस मशीनरी
0 सुरक्षा रणनीति को पुख्ता बनाने के लिए नेशनल टेक्निकल रिसर्च सेंटर से मदद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार को कहा कि सुरक्षित कुंभ के लिए पुलिस हर खतरों से निपटने के लिए तैयार है। इस बार पिछले कुंभ की तुलना में दो गुना अधिक भूमि की रक्षा की जिम्मेदारी है। आतंकी संगठनों से भी खतरा रहता है। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इंटेलीजेंस मशीनरी सक्रिय कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो तैनात रहेंगे। आगामी 15 दिसंबर तक कुंभ की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था धरातल पर उतारने की कोशिश की जाएगी।
एसएसपी कुंभ कार्यालय के सभागार में दोपहर बाद पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कुंभ के सुरक्षा बंदोबस्त पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हमने सुरक्षित कुंभ का संकल्प लिया है। इस बार पुलिस डिजिटलाइज फार्म में रहेगी। कुल 10 हजार पुलिस कर्मियों के कंधे पर कुंभ की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा रही है। संगम से लेकर गंगा-यमुना के घाटों तक पुलिस डूबने से श्रद्धालुओं को बचाएगी और भीड़ प्रबंधन का जिम्मा भी संभालेगी, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने पाए।
उन्होंने आतंकी संगठनों से खतरे की ओर भी इशारा जताया। कहा कि आतंकी संगठनों से भी खतरा रहता है। जब उनके पूछा गया कि क्या इस तरह का इनपुट कहीं से मिला है? इस पर उनका कहना था कि इस पर वह सार्वजनिक तौर पर कुछ कह नहीं सकते। लेकिन, सुरक्षा पहलुओं पर व्यापक नजर रखी जा रही है। सुरक्षा रणनीति को पुख्ता और मजबूत बनाने के लिए नेशनल टेक्निकल रिसर्च सेंटर से भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो भी तैनात किए जाएंगे। सेना के स्तर पर भी जवानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कुंभ मेला के सुरक्षा प्रबंधन के तृतीय चरण की शुरुआत पांच दिसंबर से होगी। 10 दिसंबर तक ट्रैफिक डायवर्जन भी तय कर लिया जाएगा। वार्ता के समय एडीजी एसएन सावत, मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल, डीएम सुहास एल वाई, आईजी मोहित अग्रवाल, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी कुंभ केपी सिंह उपस्थित थे।
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खतरे से निपटने में सक्षम : डीजीपी
क्रासर
तैनात किए जाएंगे एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो
पुलिस का इस तरह रहेगा सुरक्षा का खाका
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0 डिजिटलाइज भूमिका में रहेगी सूबे की पुलिस
0 दस हजार पुलिस कर्मियों के हाथों होगी सुरक्षा व्यवस्था
0 भीड़ प्रबंधन के साथ श्रद्धालुओं को डूबने से भी बचाएगी पुलिस
0 आतंकी गतिविधियों पर नजर रखेगी इंटेलीजेंस मशीनरी
0 सुरक्षा रणनीति को पुख्ता बनाने के लिए नेशनल टेक्निकल रिसर्च सेंटर से मदद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार को कहा कि सुरक्षित कुंभ के लिए पुलिस हर खतरों से निपटने के लिए तैयार है। इस बार पिछले कुंभ की तुलना में दो गुना अधिक भूमि की रक्षा की जिम्मेदारी है। आतंकी संगठनों से भी खतरा रहता है। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इंटेलीजेंस मशीनरी सक्रिय कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो तैनात रहेंगे। आगामी 15 दिसंबर तक कुंभ की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था धरातल पर उतारने की कोशिश की जाएगी।
एसएसपी कुंभ कार्यालय के सभागार में दोपहर बाद पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कुंभ के सुरक्षा बंदोबस्त पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हमने सुरक्षित कुंभ का संकल्प लिया है। इस बार पुलिस डिजिटलाइज फार्म में रहेगी। कुल 10 हजार पुलिस कर्मियों के कंधे पर कुंभ की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा रही है। संगम से लेकर गंगा-यमुना के घाटों तक पुलिस डूबने से श्रद्धालुओं को बचाएगी और भीड़ प्रबंधन का जिम्मा भी संभालेगी, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने पाए।
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उन्होंने आतंकी संगठनों से खतरे की ओर भी इशारा जताया। कहा कि आतंकी संगठनों से भी खतरा रहता है। जब उनके पूछा गया कि क्या इस तरह का इनपुट कहीं से मिला है? इस पर उनका कहना था कि इस पर वह सार्वजनिक तौर पर कुछ कह नहीं सकते। लेकिन, सुरक्षा पहलुओं पर व्यापक नजर रखी जा रही है। सुरक्षा रणनीति को पुख्ता और मजबूत बनाने के लिए नेशनल टेक्निकल रिसर्च सेंटर से भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा एनएसजी से प्रशिक्षित कमांडो भी तैनात किए जाएंगे। सेना के स्तर पर भी जवानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कुंभ मेला के सुरक्षा प्रबंधन के तृतीय चरण की शुरुआत पांच दिसंबर से होगी। 10 दिसंबर तक ट्रैफिक डायवर्जन भी तय कर लिया जाएगा। वार्ता के समय एडीजी एसएन सावत, मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल, डीएम सुहास एल वाई, आईजी मोहित अग्रवाल, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी कुंभ केपी सिंह उपस्थित थे।
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