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आईआईटी कानपुर के चार प्राफेसरों को राहत
Updated Wed, 26 Sep 2018 08:12 PM IST
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आईआईटी कानपुर के चार प्रोफेसरों को राहत
0 एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश पर रोक
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने दलित उत्पीड़न के मामले में आईआईटी कानपुर के चार प्रोफेसरों को राहत दे दी है। कोर्ट ने इनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के एससी-एसटी आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में शिकायतकर्ता प्रोफेसर सुब्रह्मण्यम सदरेला और एससी-एसटी आयोग से जवाब मांगा है।
प्रोफेसर राजीव शेखर, ईशान शर्मा, सीएस उपाध्याय और संजय मित्तल ने याचिका दाखिल कर एससी-एसटी आयोग के आदेश को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति मुख्तार अहमद की पीठ सुनवाई कर रही है। इससे पूर्व भी प्रो. सुब्रह्मण्यम सदरेला ने याची प्रोफेसरों के खिलाफ दलित उत्पीड़न की शिकायत एससी-एसटी आयोग से की थी। आयोग ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इसके बाद पुन: आयोग ने जांच पूरी करने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसे फिर से याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार, आयोग और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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0 एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश पर रोक
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने दलित उत्पीड़न के मामले में आईआईटी कानपुर के चार प्रोफेसरों को राहत दे दी है। कोर्ट ने इनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के एससी-एसटी आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में शिकायतकर्ता प्रोफेसर सुब्रह्मण्यम सदरेला और एससी-एसटी आयोग से जवाब मांगा है।
प्रोफेसर राजीव शेखर, ईशान शर्मा, सीएस उपाध्याय और संजय मित्तल ने याचिका दाखिल कर एससी-एसटी आयोग के आदेश को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति मुख्तार अहमद की पीठ सुनवाई कर रही है। इससे पूर्व भी प्रो. सुब्रह्मण्यम सदरेला ने याची प्रोफेसरों के खिलाफ दलित उत्पीड़न की शिकायत एससी-एसटी आयोग से की थी। आयोग ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इसके बाद पुन: आयोग ने जांच पूरी करने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसे फिर से याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार, आयोग और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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