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नियमों के विपरीत हुई एलटीसी भुगतान की कटौती
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:29 AM IST
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एलटीसी की वसूली शुरू होते ही बढ़ा विवाद
0 इविवि के शिक्षकों ने कुलपति को आदेश की विसंगति से कराया अवगत
0 तत्काल प्रभाव से वसूली स्थगित करने की मांग, कोर्ट जाने की भी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तकरीबन 41 शिक्षकों और कुछ कर्मचारियों को एलटीसी मद में किए गए तकरीबन 78 लाख रुपये के भुगतान वसूली के लिए उनके वेतन से पहली किस्त काट ली गई है लेकिन शिक्षकों का दावा है कि यह कटौती नियमों के विपरीत की गई है। इसके लिए शिक्षकों ने मजबूत तर्क के साथ कुलपति के समक्ष कुछ जरूरी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। चर्चा है कि इस मामले में शिक्षकों को राहत मिल सकती है। हालांकि शिक्षकों ने यह भी कह दिया है कि राहत नहीं मिली तो कोर्ट जाएंगे।
एलटीसी मद में हुए भुगतान की वेतन से वसूली के जाने के आदेश को लेकर तमाम विवाद खड़े हो गए हैं। ऑडिट आपत्ति थी कि जब निजी एजेंसी से टिकट बुकिंग कराने की व्यवस्था नहीं है तो निजी एजेंसी से टिकट बुक कराने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एलटीसी मद में भुगतान कैसे कर दिया। दरअसल, यह ऑडिट आपत्ति उन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए थी, जिन्होंने इस बाबत केंद्र सरकार से आदेश जारी होने के बाद निजी एजेंसी से बुकिंग कराकर एलटीसी का भुगतान प्राप्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑडिट आपत्ति के तहत इस आदेश को आधार मानकर सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एलटीसी मद में किए गए भुगतान की राशि वेतन से वसूले के निर्देश जारी कर दिए।
इस आदेश की जद में वे शिक्षक और कर्मचारी भी आए गए, जिन्होंने यह आदेश जारी होने से पहले टिकट बुक कराया था और एलटीसी मद में भुगतान प्राप्त किया था। अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे एवं अन्य पदाधिकारियों ने कुलपति को ज्ञापन देकर उन्हें कटौती के आदेश से जुड़ी विसंगति से अवगत कराया है। ऑटा अध्यक्ष का कहना है कि आदेश जारी होने की तिथि से लागू होता है। ऐसे में आदेश जारी होने से पहले जिन शिक्षकों से एलटीसी मद में लिए गए भुगतान की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं, वह न्यायसंगत नहीं हैं। अध्यक्ष ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से वसूली रोकी जाए और आदेश की वैधानिकता की जांच कराई जाए। अध्यक्ष ने कहा है कि शिक्षकों को राहत नहीं मिली तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे।
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कई शिक्षकों को पूरे वेतन से धोना पड़ेगा हाथ
इलाहाबाद। ऑटा अध्यक्ष ने वीसी को दिए ज्ञापन में कहा है कि दिसंबर और जनवरी के महीने में वेतन से आयकर कटौती भी होती है। इसके साथ ही एलटीसी भुगतान की कटौती हो रही है। ऐसे में कई शिक्षकों को वेतन का एक रुपया भी नहीं मिलेगा, जो पूरी तरह से गलत है।
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0 इविवि के शिक्षकों ने कुलपति को आदेश की विसंगति से कराया अवगत
0 तत्काल प्रभाव से वसूली स्थगित करने की मांग, कोर्ट जाने की भी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तकरीबन 41 शिक्षकों और कुछ कर्मचारियों को एलटीसी मद में किए गए तकरीबन 78 लाख रुपये के भुगतान वसूली के लिए उनके वेतन से पहली किस्त काट ली गई है लेकिन शिक्षकों का दावा है कि यह कटौती नियमों के विपरीत की गई है। इसके लिए शिक्षकों ने मजबूत तर्क के साथ कुलपति के समक्ष कुछ जरूरी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। चर्चा है कि इस मामले में शिक्षकों को राहत मिल सकती है। हालांकि शिक्षकों ने यह भी कह दिया है कि राहत नहीं मिली तो कोर्ट जाएंगे।
एलटीसी मद में हुए भुगतान की वेतन से वसूली के जाने के आदेश को लेकर तमाम विवाद खड़े हो गए हैं। ऑडिट आपत्ति थी कि जब निजी एजेंसी से टिकट बुकिंग कराने की व्यवस्था नहीं है तो निजी एजेंसी से टिकट बुक कराने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एलटीसी मद में भुगतान कैसे कर दिया। दरअसल, यह ऑडिट आपत्ति उन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए थी, जिन्होंने इस बाबत केंद्र सरकार से आदेश जारी होने के बाद निजी एजेंसी से बुकिंग कराकर एलटीसी का भुगतान प्राप्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑडिट आपत्ति के तहत इस आदेश को आधार मानकर सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एलटीसी मद में किए गए भुगतान की राशि वेतन से वसूले के निर्देश जारी कर दिए।
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इस आदेश की जद में वे शिक्षक और कर्मचारी भी आए गए, जिन्होंने यह आदेश जारी होने से पहले टिकट बुक कराया था और एलटीसी मद में भुगतान प्राप्त किया था। अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे एवं अन्य पदाधिकारियों ने कुलपति को ज्ञापन देकर उन्हें कटौती के आदेश से जुड़ी विसंगति से अवगत कराया है। ऑटा अध्यक्ष का कहना है कि आदेश जारी होने की तिथि से लागू होता है। ऐसे में आदेश जारी होने से पहले जिन शिक्षकों से एलटीसी मद में लिए गए भुगतान की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं, वह न्यायसंगत नहीं हैं। अध्यक्ष ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से वसूली रोकी जाए और आदेश की वैधानिकता की जांच कराई जाए। अध्यक्ष ने कहा है कि शिक्षकों को राहत नहीं मिली तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे।
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कई शिक्षकों को पूरे वेतन से धोना पड़ेगा हाथ
इलाहाबाद। ऑटा अध्यक्ष ने वीसी को दिए ज्ञापन में कहा है कि दिसंबर और जनवरी के महीने में वेतन से आयकर कटौती भी होती है। इसके साथ ही एलटीसी भुगतान की कटौती हो रही है। ऐसे में कई शिक्षकों को वेतन का एक रुपया भी नहीं मिलेगा, जो पूरी तरह से गलत है।